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अव्यवस्थाओं पर चढ़ा रहा डीआरएम का पारा

Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
Etawah
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इटावा। रेल प्रबंधक इलाहाबाद मंडल हरेंद्र राव ने बुधवार को इटावा और भरथना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते हुए अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। सर्कुलेटिंग एरिया में चार पहिया वाहन को खड़ा देख प्रभारी स्टेशन अधीक्षक और आरपीएफ प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि स्टैंड ठेकेदार को जितनी जगह दी गई है वह उसी जगह में वाहन खड़े कराए। अन्य जगहों पर वाहन खड़े नहीं होने चाहिए। प्लेटफार्म दो व तीन के टूटी फर्श दोबारा बनवाने को कहा। अपने 50 मिनट के निरीक्षण में उन्होंने यात्री सुविधाओं, साफ सफाई के साथ अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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डीआरएम हरेंद्र राव करीब 12:10 बजे इटावा स्टेशन पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने प्लेटफार्म नंबर चार का निरीक्षण किया। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर पहुंचे। यहां टूटी-फूटी फर्श देखकर उनका पारा चढ़ गया। साथ चल रहे अफसरों से कहा कि टाइल्स बिछाकर नया फर्श बनाया जाए। इसके लिए तुरंत प्रस्ताव बनाकर भेजें। उन्होंने ओवरब्रिज की क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत के भी निर्देश दिए। प्लेटफार्म नंबर एक मेें पूछताछ खिड़की पर सूचना संबंधी जानकारी लेते हुए कहा कि डिस्प्ले बोर्ड हर समय चलना चाहिए। साथ ही प्लेटफामों पर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए। इस बीच कुलियों ने माल ढुलाई के नई दरों का निर्धारण करने, रेलवे अस्पताल में इलाज की सुविधा मुहैया कराने संबंधी अन्य मांगे डीआरएम के सामने रखीं। अफसर ने उन्हें आश्वासन दिया। निरीक्षण के समय प्रभारी स्टेशन अधीक्षक आरके घोष, सहायक मंडल अभियंता सुधांशु नगाइच, वरिष्ठ खंड अभियंता एनएस यादव, यातायात निरीक्षक नंदलाल, जे कादिर सहित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
बदलेगी कुली विश्रामालय की सूरत
निरीक्षण के दौरान कुलियों ने डीआरएम से बताया कि उनके लिए बनाए गए विश्रामघर में ताला लटका रहता है। न तो वहां पंखा है और न ही शौचालय। इस पर डीआरएम खुद विश्राम घर जा पहुंचे। अंदर की हालत देख उन्होंने अधिकारियों को शौचालय निर्माण, लाइट, पंखे आदि की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। कुलियों से कहा कि 30 मई तक सारा काम न हो तो एक कुली आकर उनसे इलाहाबाद में मिले।
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मायूस हुए आटो चालक
आटो चालकों ने उनसे मांग की कि स्टैंड के लिए टीनशेड और पानी की व्यवस्था कराएं। डीआरएम ने साफ इंकार कर दिया। कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार व जिला प्रशासन सेे मांग करें।
पोर्टिगो तक जाएंगी सिर्फ वीआईपी गाड़ियां
इटावा। डीआरएम ने स्टेशन पोर्टिगो एरिया में गाड़ियां खड़ी देख प्रभारी स्टेशन अधीक्षक आरके घोष सहित आरपीएफ निरीक्षक एके सिंह से कहा कि स्टैंड ठेकेदार निर्धारित जगह में ही वाहन खड़ा कराएं। इधर-उधर वाहन खड़े मिलें तो लाइसेंस निरस्त किया जाए। जाली के भीतर कोई वाहन खड़ा नहीं होगा। इस गेट पर ताला डालकर स्टेशन अधीक्षक चाबी अपने पास रखें। पोर्टिगो एवं एंगिल से कवर परिसर में सिर्फ वीआईपी लोगों की ही गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी। यह वीआईपी न तो किसी दल का जिलाध्यक्ष होगा और न ही छुटभैया दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष। जो वीआईपी श्रेणी में आते हैं, उनके ही वाहनों को अंदर जाने दिया जाए।
मानक से ज्यादा सुविधाएं देना संभव नहीं
भरथना (इटावा)। इटावा में निरीक्षण के दौरान अधिवक्ता सुबोध दीक्षित ने भरथना स्टेशन पर अव्यवस्थाओं की शिकायत की। इसके बाद डीआरएम भरथना स्टेशन जा पहुंचे। यहां यात्री सुविधाओं के साथ बिजली, पंखे और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कांग्रेसी नेता सुखराम सिंधी ने कुछ प्रमुख ट्रेनों के ठहराव को लेकर मांग की तो उन्होंने कहा कि पहले जनता स्टेशन की आमदनी बढ़ाए, उसके बाद ट्रेनों का ठहराव स्वत: हो जाएगा। गाड़ियों का ठहराव व सुविधाएं आय के हिसाब से तय की जातीं हैं। मानक से ज्यादा सुविधाएं मिलना संभव नहीं है। उन्होंने पुल की टूटी सीढ़ियों को ठीक कराने के निर्देश दिए। बुकिंग विंडो के पास लगे सूचना बोर्डों पर जमी धूल को देख स्टेशन अधीक्षक एमपी सिंह को फटकार लगाई। बुकिंग स्टाफ की कमी पर उन्होंने आश्वासन दिया।
जल्द लागू होगी कोच फिक्सेशन व्यवस्था
इटावा। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआरएम हरेंद्र राव ने कमियों को दूर करने के सवाल पर बजट न होने की बात कही। उन्होंने बताया कि इटावा स्टेशन पर कोच फिक्सेशन व्यवस्था लागू करने का प्रयोग चल रहा है। बोर्ड से मंजूरी मिल गई तो वित्तीय वर्ष 2013-14 में यह सुविधा यहां हो जाएगी। इसके बाद प्लेटफार्म पर ट्रेनों के कोच निर्धारित स्थान पर ही रुकेंगे। कोच ढूंढने में यात्रियों को परेशान नहीं होगा पड़ेगा। बताया कि लगभग दस करोड़ रुपए की लागत से मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। छोटे से छोटे स्टेशन पर पानी के लिए कम से कम दो हैंडपंप लगेंगे। उन्होंने जिले की तीन रेल परियोजनाओं के बारे में जानकारी होने से इंकार किया।
गाड़ियां खड़ी कराने में होता खेल
इटावा। रेलवे स्टेशन परिसर में खड़े सारे वाहन यात्रियों के ही नहीं होते हैं। स्टेशन परिसर में खड़े चार पहिया वाहनों में से ज्यादातर वाहन ऐसे खड़े हैं जो स्टेशन के आसपास रहने वालों के हैं। घर पर गैराज की व्यवस्था व पार्किंग की व्यवस्था न होने पर यह लोग स्टैंड ठेकेदार को महीना बांध कर वाहनों को रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ा करते हैं।
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