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बकाया 80 करोड़, वसूले सिर्फ 60 लाख

Sun, 16 Nov 2014 05:30 AM IST
Etawah
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इटावा। लाइन लॉस को राष्ट्रीय मानक स्तर पर लाने तथा पुराना बकाया वसूल करने के लिए चलाया गया अभियान विभागीय अधिकारियों के दावों पर खरा नहीं उतरा। बिजली चोरी के लिए बदनाम कई ऐसे मोहल्ले हैं, जहां टीमोें ने चेकिंग के नाम पर महज खानापूर्ति ही की। इसी तरह राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बड़े बकाएदारों से वसूली की बजाय महज घरों और दुकानों को ही निशाना बनाया गया। यही कारण है कि 80 करोड़ से भी अधिक की बकाएदारी में विभाग केवल 60 लाख रुपये ही वसूल पाया है। सरकारी विभागाें पर तो कार्रवाई से परहेज किया गया।
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कामर्शियल और डोमिसियल उपभोक्ताओं पर शहरीय क्षेत्र में ही विभाग का 80 करोड़ से अधिक का पुराना बकाया है। इसमें 50 से अधिक सरकारी विभागों पर 80 लाख रुपये की पुरानी बकाएदारी है। अभियान से पहले विभाग ने जिस प्रकार से दावे किए गए थे उससे लगा था कि निरंतर घाटे में जा रहा बिजली विभाग पुराना बकाया वसूल करने को सभी के साथ समान व्यवहार करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बिजली चोरी को बदनाम मोहल्लों में मामूली विरोध के बाद ही विभाग ने हथियार डाल दिए। टीम में शामिल अधिकारियों ने चेकिं ग के नाम पर खानापूर्ति शुरू कर दी। राज्य सरकार के दो दर्जन से अधिक विभागाें पर ही लाखों रुपये की बकाएदारी है, मगर बिजली विभाग की टीमों ने सरकारी विभागों पर हाथ डालने से परहेज किया। चार दिन तक चले अभियान में बिजली विभाग का सिर्फ घरों तथा दुकानों पर ही जोर रहा। यदि ईमानदारी से काम किया जाता तो विभाग का बोझ और भी कम हो सकता था।
एक लाख से ऊपर के बकाएदारों की संख्या 2050 है। इनमें से 350 की तो प्रतिमाह रीडिंग हो रही है। शेष 1700 कनेक्शन या पीडी हो चुके हैं या दूसरे नाम से कनेक्शन ले लिए हैं। मई में चलाए गए अभियान के दौरान ही 800 से अधिक पुराने बकाएदारों ने विभाग को गुमराह कर कनेक्शन पीडी करा लिए थे। इनक ो चिह्नित कर विभाग ने अभियान के दौरान कार्रवाई करने का दावा किया था लेकिन अभियान के दौरान ऐसे उपभोक्ता फिर से विभाग की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो गए। 10 हजार से अधिक के बकाएदारों की संख्या 9000 से अधिक बताई जा रही है। इनमें से 6200 की ही रीडिंग हो पा रही है।
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पालिका चोरी से चला रही 380 सबमर्सिबल
करीब पांच माह पहले विद्युत विभाग ने नगर पालिका क्षेत्र में 435 सबमर्सिबल पंपों को चोरी की बिजली से चलता हुआ पकड़ा था। विभाग की ओर से 4.75 करोड़ का बिल भेजा गया था। पालिका से भी विभाग अभी तक वसूली नहीं कर पाया है। लंबी कवायद के बाद पालिका ने 11 लाख जमा कर केवल 55 कनेक्शन ही लिए हैं। पालिका को अभी 380 सबमर्सिबल के लिए कनेक्शन और लेना है। विभाग नगर पालिका पर शिकंजा कस पाने में भी असमर्थ रहा है। इस मुद्दे पर पालिका और विद्युत विभाग के अधिकारियों के बीच रास्ता निकालने के लिए विचार विमर्श भी हो चुका है।
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किस विभाग पर कितना बाकी बिजली बिल
विभाग कनेक्शनों की संख्या बकाया
जेल 01 13 लाख
पुलिस 12 15 लाख
परिवहन विभाग 05 2.50 लाख
चिकित्सा विभाग 13 3.25 लाख
प्रशासनिक सुधार 06 1.27 लाख
खेल विभाग 01 0.53 लाख
खाद्य विभाग 01 0.81 लाख
लोक निर्माण 14 30 लाख
शिक्षा विभाग 38 08 लाख
उच्च शिक्षा 06 0.77 लाख
समाज कल्याण 07 2.50 लाख
पिछले साल के मुकाबले इस साल नवंबर के महीने में 60 लाख से अधिक की वसूली हुई है। सरकारी विभागों पर भी वसूली का प्रेशर बनाया गया है। पुलिस विभाग से इसी माह 15 लाख का भुगतान किए जाने का कमेंटमेंट मिला है। इसके अलावा अन्य विभागों तथा प्रतिष्ठानाें से भी करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का वादा किया गया है। सरकारी विभागों को वित्तीय वर्ष के अंत में बिलों के भुगतान का बजट मिलता है। इसके बाद भी विभाग की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है।
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-राजेश कुमार ग्रोवर, अधिशासी अभियंता, दक्षिणांचल विद्युत वितरण कंपनी लि. इटावा
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