फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसे तो हो चुका ‘आपरेशन क्लीन’

Sun, 05 Oct 2014 05:32 AM IST
Etawah
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। प्रधानमंत्री के आपरेशन क्लीन से जिले का प्रशासनिक अमला जुड़ गया है। अभियान की जानकारी के साथ अफसरों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। 23 अक्तूबर तक चलने वाला राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान 25 सितंबर से और 02 अक्तूबर तक मनाया जाने वाला स्वच्छता पंचायत सप्ताह 23 सितंबर से शुरू हो चुका है। लेकिन अभी जमीन पर अभियान का रत्ती भर भी असर देखने को नहीं मिला। आपरेशन क्लीन में अभी भी कई पेंच हैं। शनिवार को साफ-सफाई की पड़ताल की गई तो सरकारी दफ्तरों में गंदगी के अंबार दिखे। टॉयलेटों का बुरा हाल था। दफ्तरों के कोने गंदगी से अटे पड़े थे। कबाड़ के रूप में रखा गैर जरूरी सामान विभागों की सूरत बिगाड़ रहा था। ऐसे में मोदी का आपरेशन क्लीन कितना कारगर साबित होगा, यह तो दो अक्टूबर के बाद ही दिखाई देगा, लेकिन हर किसी का मानना था कि अभियान तभी सफल होगा जब मुलाजिम साथ देंगे।
विज्ञापन


विकास भवन: कोनों में बिखरी पड़ी है गंदगी
विकास भवन में अभी तक गंदगी दूर नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि कोनों में आज भी गंदगी भरी पड़ी है। यहां के टॉयलेट में तो इतनी गंदगी है कि एक मिनट भी खड़ा होना मुश्किल है। विकास भवन में एक जीने के नीचे कबाड़ के बीच विकलांगों के उपकरण धूल फांकते नजर आए। अगर यह उपकरण विकलांगों तक पहुंच जाएं तो उन्हें मदद मिले, लेकिन अफसरों की अनदेखी के कारण उपकरण यहां गंदगी के बीच पड़े हुए हैं।

डीआईओएस दफ्तर में कर्मचारियों का कबाड़
डीआईओएस कार्यालय में भी चारों ओर गंदगी नजर आई। कार्यालय में प्रवेश करने वालों का स्वागत कबाड़ करता है। यहां मंदिर के पास विभागीय कर्मचारियों ने कबाड़ हो चले कूलरों सहित अन्य सामान जमा कर रखा है। इसी के पास में हजारों फार्मों का ढेर लगा है। कल तक यह ढेर खुला नजर आता था। सफाई अभियान के नाम पर बस इतना हुआ है कि अब इस पर पॉलीथिन डलवा दी गई है।
विज्ञापन


बीएसए कार्यालय: चौतरफा गंदगी
बीएसए कार्यालय में घुसने से लेकर अंदर तक गंदगी ही नजर आती है। रंगाई पुताई न होने से बिल्डिंग भी जर्जर होने लगी है। यहां के टॉयलेट में पांच मिनट कोई रुके तो शायद उसे चक्कर आ जाए। टॉयलेट के पास ही गैलरी में कबाड़ जमा करके रखा गया है। इसके साथ ही कार्यालय में रखे रिकार्ड और अलमारी पर धूल जमा है। विभाग का यह हाल है तो अफसर विद्यालयों पर कितना ध्यान देते होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

कबाड़ बिगाड़ रहा सड़कों की सूरत
कुछ विभाग सड़कों की भी सूरत बिगाड़ रहे हैं। सड़कों पर फैली गंदगी और कूड़ा तो आम बात है, शहर की कुछ सड़कों पर कबाड़ जो चुके वाहनों का कब्जा है। डीआईओएस कार्यालय से सटी सड़क पर पीडब्ल्यूडी के कबाड़ हो चुके वाहन खड़े हैं। सिंचाई विभाग के गोदाम, नलकूप विभाग के दफ्तर में भी कंडम वाहन गंदगी का कारण बने हैं। थानों में भी नीलामी न होने से कंडम वाहन गंदगी का कारण बन रहे हैं। इसके बाद भी अफसरों ने इन वाहनों की नीलामी के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें