इटावा। जिला अस्पताल परिसर में करीब एक करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ विशेष प्रसूति गृह महीनों के बाद भी चालू नहीं हो पाया है। यह तब है जब स्थान और पलंगों के अभाव में गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई महिलाओं को वार्ड के बाहर जमीन पर प्रसव पीड़ा सहते हुए देखा जा सकता है।
जिला अस्पताल परिसर के प्रसूति वार्ड में 15 पलंग है। इनमें से पांच तो सीजर घेरे रहती हैं। नार्मल प्रसव के लिए 10 पलंग बचते है। जबकि प्रतिदिन 18 से लेकर 20 तक प्रसव हो रहे हैं। शेष गर्भवती महिलाओं क ो भटकना पड़ता है। पलंग के अभाव में कई महिलांए जमीन पर लेटी रहती हैं। प्रसव हो जाने के बाद ही उन्हें बमुश्किल पलंग नसीब हो पाता है। असुविधाओं के चलते कई महिलाएं जिला अस्पताल की सेवाएं लेने से कतराने लगी है। इन सब दिक्कतों के चलते करीब एक करोड़ की लागत से विशेष प्रसूति गृह का निर्माण कराया गया है। नवनिर्मित विशेष प्रसूति गृह में सिर्फ प्रसव ही क राया जाएगा। प्रसव होने के बाद महिलाओं को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। विशेष प्रसूति गृह में आधा दर्जन पलंगों की व्यवस्था की जा रही है। संभवत: इसी सप्ताह विशेष प्रसूति गृह चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद काफी हद तक समस्या का हल हो जाएगा। हालांकि जिला अस्पताल परिसर में ही सौ शैय्या प्रसूति गृह का निर्माण होना है। इस कार्य को पूरा होने में एक साल से भी अधिक का समय लग जाने की संभावना है।