इटावा। मुख्यमंत्री के जिले में बदमाशों के दिल से खाकी का खौफ खत्म हो चुका है। सोमवार को बदमाशों ने एसओ बलरई की कार को लूटने की नियत से रुकवा लिया। कार से वर्दीधारी व्यक्ति (एसओ) को उतरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। एसओ ने किसी तरह जीप में दुबक कर अपनी जान बचाई। उनके अंदर घुसते ही बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए। एसओ साहब बदमाश मिलने की बात तो स्वीकार रहे हैं, लेकिन महकमे को किरकिरी से बचाने के लिए उन्होंने फायरिंग की घटना से इनकार कर दिया।
एसओ बलरई उपेंद्र नाथ राय एक निजी बोलेरो से किसी काम से बाहर गए थे। दोपहर बाद करीब चार बजे वापस लौट रहे थे। बोलेरो एक चालक चला रहा था जबकि वह फ्रंट साइड सीट पर बैठे थे। जसवंतनगर-कचौरा मार्ग स्थित नहर पुल के आगे उनका वाहन बलरई मार्ग के लिए मुड़ा ही था उसी समय सड़क पर चार बदमाश आकर खड़े हो गए और उन्होंने जबरन गाड़ी रुकवा ली। वाहन रुकवाने का कारण जानने के लिए उपेंद्र राय दरवाजा खोल कर बाहर उतरे। लुटेरों ने पुलिस वर्दी देखते ही फायरिंग करनी शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से सकते में आए एसओ दरवाजे की ओट लेकर वाहन के अंदर दुबक गए। पुलिस को देखकर बदमाश फायरिंग करते हुए खेतों से होते हुए फरार हो गए। सूत्रों के मुताबिक वाहन लूटने के उद्देश्य से बदमाशों ने वाहन रुकवाया था एसओ को देखकर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में कुछ छर्रे एसओ उपेंद्र राय के पैर में मामूली तौर पर लगे हैं। इस संबंध में श्री राय का कहना है कि उन्हें बदमाश मिले जरूर थे, गाड़ी रोकने का प्रयास भी किया लेेकिन फायरिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई।