इटावा। भाजपा से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी 19 अक्टूबर को कानपुर में पार्टी की रैली को संबोधित करेंगे। रैली में शामिल होने के लिए जिले से दस हजार भाजपा कार्यकर्ता कानपुर जाएंगे। यह जानकारी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता भदौरिया और जिलाध्यक्ष गोपाल मोहन शर्मा ने पत्रकार वार्ता में संयुक्त रूप से दी।
शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा पदाधिकारियों ने 19 अक्टूबर को कानपुर में होने वाली रैली की तैयारियों की जानकारी दी। श्रीमती भदौरिया ने बताया कि रैली की तैयारियों को लेकर भरथना में दोपहिया वाहन जुलूस निकाला गया। डा. रमाकांत शर्मा ने बताया कि भावी प्रधानमंत्री की रैली में जिले से दस हजार कार्यकर्ताओं को ले जाने का लक्ष्य है। बताया कि जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस मौके पर एक सप्ताह पहले ही भाजपा में शामिल हुए अशोक दोहरे ने पत्रकारों से परिचय वार्ता की। प्रदेश उपाध्यक्ष भदौरिया ने बताया कि श्री दोहरे की पार्टी में इंट्री इटावा, औरैया और कानपुर देहात के जिलाध्यक्षों की संस्तुति के बाद प्रदेश हाईकमान ने की। अजीतमल विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक और मंत्री रहे श्री दोहरे ने सभी को रामनवमी और दशहरे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दावा किया कि वह पार्टी मेें बूथ स्तर के कार्यकर्ता बनकर दाखिल हुए हैं। उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूती देना है। बताया कि उनके साथ बसपा के कार्यकर्ता भी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। वार्ता में मंडलाध्यक्ष दिनेश भदौरिया, डॉ. रमाकांत शर्मा, जीतेंद्र जैन, विकास भदौरिया, प्रेमसिंह गौतम आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसलिए भाजपा ने खेला एससी कार्ड
अशोक दोहरे की दलितों में अच्छी पैठ मानी जाती है। इटावा सीट दलित प्रत्याशी के लिए आरक्षित है। जिले में तीसरे और चौथे पायदान पर पहुंच चुकी भाजपा ने लोकसभा चुनाव में दलित वोट बैंक साधने की रणनीति के तहत ही दोहरे को पार्टी में शामिल किया है। माना जा रहा है कि पार्टी श्री दोहरे को 2014 का लोकसभा प्रत्याशी भी घोषित कर सकती है। हालांकि पार्टी पदाधिकारी टिकट देने के फैसले को आलाकमान पर टाल रहे हैं लेकिन उनकी प्रत्याशिता की संभावना से इंकार भी नहीं कर रहे। प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता भदौरिया का कहना कि इटावा सीट आरक्षित होना उनके दावे को मजबूत करता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को मिले वोट के मद्देनजर पार्टी दलितों में पैठ बनाने की कोशिशों में बहुत पहले से लगी थी।