इटावा। अतिक्रमण हटाओ अभियान यूं तो दो सितंबर से शुरू होना था, पर पालिका प्रशासन ने गुरुवार को ही इसकी शुरुआत कर दी। झमाझम बरसात के बीच नगर पालिका के बुलडोजर ने अस्थाई दुकानें ढहा दी। इस दौरान करीब दो दर्जन खोखा (गुमटी) हटाए गए। इससे दुकानदारों में अफरातफरी मची रही। दुकानदारों की शिकायत रही कि उन्हें पहले से सूचना नहीं दी गई, वह दो सितंबर की तारीख मान कर चल रहे थे। बता दिया जाता तो सर सामान हटा लेते। वहीं, पालिका के ईओ जनार्दन राय का कहना है कि वह दो दिन से लगातार लोगों से अतिक्रमण हटाने को कह रहे हैं।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत पुलिस लाइन तिराहे से हुई। दोपहर करीब तीन बजे नगरपालिका ईओ जनार्दन राय बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स, पालिका के कर्मचारी व मजदूरों को लेकर पहुंचे। इसके बाद जेसीबी मशीन ने तिराहे पर मौजूद खोखे गिराने शुरू कर दिए। इसी बीच जोरदार बारिश शुरू हो गई, लेकिन अभियान नहीं रुका। पुलिस लाइन तिराहे पर बांस से बनी दुकानें तहस नहस कर दी गई। हालांकि कई दुकानदार घंटे दो घंटे की मोहलत देने की गुहार लगाते रहे। लेकिन ईओ इतना वक्त देने को राजी नहीं हुए। हड़बड़ाहट में लोग अपने खोखा दुकानों को सड़क से उठा कर गलियों आदि स्थानों पर रखते रहे। मजे की बात यह दिखी कि दूर से अभियान चलता देखकर भी कुछ लोगों ने तब तक कोई कदम नहीं उठाया, जब तक कि जेसीबी उनके खोखा को हटाने नहीं पहुंच गई। जेसीबी के चलने पर लोग उसे रुकवाने के लिए गिड़गिड़ाते भी रहे।
अभियान इस तिराहे से नुमाइश तिराहे की ओर चला। इस बीच सड़क की चौड़ी पटरी पर टट्टर से बने अस्थाई होटल, चाय, पौधशाला, सिल पत्थर, नाई आदि दुकानें हटाई गईं। नुमाइश गेट के सामने खोखा रखे गुलाम मोहम्मद ने बताया कि उन्हें इस अभियान की पहले से कोई सूचना नहीं दी गई। मगर ईओ श्री राय का कहना रहा कि डीएम के निर्देश के बाद वह पिछले दो दिनों से यहां के दुकानदारों को व्यक्तिगत तौर पर अपना अतिक्रमण हटाने के लिए कहते आए हैं। फिर भी लोगों ने ध्यान नहीं दिया और अब सूचना न मिलने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी इसी जगह अभियान चलेगा। इसलिए दोबारा खोखा न रखें।