महेवा (इटावा)। ग्राम पंचायत सुनवर्षा के मजरा सराय नौधना में आयोजित श्रीराम चरित मानस पर प्रवचन में ख्यातिलब्ध कथावाचक जयपुर से आए संत स्वामी सीताशरण महाराज ने कहा कि जीवन में सुखी रहना है तो क्रोध का त्याग करना होगा। क्रोध का त्याग किए बिना सुख प्राप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों में सांसारिक वस्तुओं का आकर्षण है उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे व्यक्तियों को बार बार मरना और जन्म लेना पड़ता है। किंतु ऐसे व्यक्ति जिनका आचरण शुद्ध है, जो गुरुओं की सेवा और गुरु आज्ञा का पालन करते हैं, उन्हें संसार का आकर्षण प्रभावित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हम सभी सुख चाहते हैं। सुख की तलाश में लगे हैं पर विडंबना यह है कि जहां सुख की तलाश करते हैं वहां सुख है ही नहीं। यही कारण है कि लोग दुखी हैं और असंतुष्ट हैं। संसार के अनेक कलेश से हमारा कोई उद्धार नहीं कर सकता। यदि सुखी रहना है तो क्रोध नहीं करना चाहिए। बड़ाें की आज्ञा का पालन करना चाहिए। सदाचारी बने पक्षपात से दूर रहें। इस मौके पर रेनू अवस्थी, अवनीश तिवारी, रामू आदि मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत आनेपुर में झाड़ी महोत्सव समिति के तत्वावधान में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा शुरू हुई। कथा शुभारंभ के पहले कलश यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम व्यवस्थापक पं. गुड्डू तिवारी, जितेंद्र दुबे, अनुरूद्ध चौबे, दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि जाने माने कथावाचक पं. राकेश बिहारी दीक्षित कथा श्रवण कराएंगे।