इटावा। गरीबों को आशियाना मुहैया कराने के लिए शासन की प्रमुख योजनाओं में शामिल लोहिया आवास योजना को क्रियान्वित करने में खास तेजी नहीं दिख रही है। इसके लिए जिले में गरीब और आवासहीन लोगों का सर्वे किया जाना है। आवासहीन गरीबों का चयन 11 मार्च तक करना है। लेकिन अभी इसकी विधिवत शुरुआत भी नहीं हुई है। ऐसे में योजना के शुरू होने के पहले ही तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं।
बसपा सरकार की तर्ज पर सपा सरकार ने भी गरीबों को आशियाना मुहैया कराने का मन बनाया है। इसके लिए लोहिया आवास योजना शुरू की गई है। इस योजना में लाभार्थी को 21.11 वर्ग मीटर में दो कमरों व एक किचन का मकान बनाने के लिए सरकार से एक लाख रुपए मिलेंगे, जबकि 20 हजार रुपए खुद लाभार्थी को लगाने होंगे। 10 हजार रुपए शौचालय और 15 हजार रुपए सोलर लाइट के लिए भी अलग से दिए जाएंगे। इस तरह गरीबों को आवास की सुविधा देने का प्रावधान है। योजना का लाभ देने के लिए पात्रों के चयन को ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे किया जाना है। सीधे तौर पर सर्वे की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारियों की है। लेकिन योजना के क्रियान्वयन में अभी तक तेजी नहीं दिख रही है, जबकि शासन स्तर पर बाकायदा इस योजना के क्रियान्वयन की तारीखें निश्चित कर दी गई हैं। योजना के प्रति शिथिलता बरते जाने का खुलासा बानगी के तौर पर तब हुआ जब डीएम ने सैफई तहसील दिवस के दौरान बीडीओ से सर्वे आदि के विषय में जानकारी की। नतीजा सिफर दिखने पर उन्होंने बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि और ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई की। कुल लब्बोलुआब यह है कि यह हकीकत सिर्फ एक ब्लाक से सामने आई है। जिले के आठों ब्लाकों में कमोवेश अभी तक कुछ ऐसा ही हाल है।
सीडीओ डॉ. अशोक चंद्र के अनुसार शासनादेश के तहत 11 मार्च तक आवास विहीन गरीबों का चयन किया जाना है। 12 मार्च को चयनित लोगों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर चस्पा की जानी है। 15 मार्च तक दावे और आपत्तियां प्राप्त होनी है। 18 मार्च तक ग्राम सभा की बैठक में चर्चा के बाद 19 मार्च को दोबारा सूची चस्पा की जानी है। 21 मार्च तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाना है। 23 मार्च तक खंड विकास अधिकारियों को इस सूची की जांच करनी है। उसके बाद 25 मार्च तक चयनित लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाना है। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य को तेजी से कराने के लिए सभी बीडीओ की बैठक बुलाई गई है।
वर्जन:
अभी इस योजना में जिले का लक्ष्य निर्धारित नहीं है। सर्वे से चिंह्ति लोगों की सूची गरीबी के आधार पर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उसके बाद ही लक्ष्य निर्धारित होगा।
-प्रेमचंद्र द्विवेदी, डीडीओ