इटावा। लॉयन सफारी का लुत्फ उठाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से आपत्ति जताने से इसमें विलंब को लेकर लग रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी का निर्माण कार्य अप्रैल में विधिवत शुरू हो जाएगा। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने कागजी खाका तैयार कर लिया है। इसमें अनुमानित साठ करोड़ के खर्च का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस बीच सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अप्रैल में किसी भी रोज भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का श्रीगणेश हो जाएगा। इसके ठीक दो साल बाद अप्रैल 2015 में यहां बब्बर शेर छोड़े जाने की योजना है। नए मास्टर प्लान के मुताबिक 135 हेक्टेयर लायन सफारी क्षेत्र में जंगल के राजा शेर और उसके परिवार को छांव देने के लिए डेढ़ लाख पेड़ लगाए जाएंगे।
लॉयन सफारी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। उनके बीते मुख्यमंत्रित्वकाल में इसकी कवायद शुरू हुई थी। इसके बाद सरकारों की आवाजाही में यह लटक गया था। सूबे में सपा सरकार के सत्तारूढ़ होने पर फिर कार्य ने जोर पकड़ा। प्रस्तावित लॉयन सफारी क्षेत्र में स्थित फिशर वन में विलायती बबूल के पेड़ काटे जाने पर जुलाई 2012 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से आपत्ति जताने और राज्य सरकार को शो-कॉज नोटिस भेजने के बाद प्रोजेक्ट में देरी को लेकर अटकलें लगने लगी थीं। लेकिन सपा सुप्रीमो की केंद्रीय सत्ता में धमक के चलते यह बाधा खत्म हो गई। नवंबर 2012 में पर्यावरण मंत्रालय की ओर से कुछ सुझावों के बाद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी गई। इसके बाद अफसरों ने कार्य में तेजी दिखानी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद इस प्रोजेक्ट की हर गतिविधि पर निगाह रखे हुए हैं। बीते दिनों कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपने के बाद बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की ओर से निर्माण कार्य में 60 करोड़ रुपए खर्च होने की अनुमानित लागत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। फरवरी माह में विभिन्न कार्यों के लिए टेंडर निकाले जाने की तैयारी है। इसके मार्च अंत में या फिर अप्रैल शुरुआत में इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
एशियाटिक लॉयन के संरक्षण के लिए इटावा में बनाए जा रहे लॉयन सफारी प्रोजेक्ट का ले आउट केंद्रीय चिड़ियाघर कमेटी की एक्सपर्ट कमेटी ने पास कर दिया है। अब ये ले आउट टेक्निकल कमेटी के पास है। इसे जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इस ले आउट को कई चरण में संशोधन के बाद अंतिम रूप दिया गया है। इस लायन सफारी प्रोजेक्ट का ले आउट लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विभूति नारायण और उनकी टीम ने तैयार किया है जबकि मास्टर प्लान चंबल सेंचुरी क्षेत्र के डीएफओ सुॅजाय बनर्जी ने बनाया है।
चंबल सेंचुरी क्षेत्र के डीएफओ सुजॉय बनर्जी ने बताया कि बीहड़ की बजरी युक्त जमीन को हरा भरा करने के लिए झांसी के ग्रास रिसर्च इंस्टीट्यूट से मंगाई गई घास को रोपा जा चुका है। यह घास धीरे धीरे यहां के पर्यावरण के मुताबिक विकसित हो रही है। इसके फैलाव में विलायती बबूल का विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है जो कि अच्छा संकेत है। माना जाता है कि बिलायती बबूल की वजह से यहां कोई भी पौधा टिक नहीं पाता। जल्द ही यहां झांसी की घास की हरियाली देखने को मिलेगी।
वर्जन:
प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर 60 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा है। मंजूरी हालांकि अभी तक नहीं मिली है, लेकिन जल्द मिलने की उम्मीद है। अप्रैल माह में इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-अरविंद कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्ट, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद