इटावा। सरकार ने फरमान तो जारी कर दिया कि विकलांगों की पेंशन अब सिर्फ सीबीएस बैंक शाखाओं के खातों में ही भेजी जाएगी। लेकिन बैंकों की उदासीनता से 1227 विकलांग पेंशन धारकों का खाता अभी तक सीबीएस बैंक शाखाओं में नहीं खुल सका है। इसके चलते इन सभी की पेंशन फिलहाल लटकी हुई है। उधर, पेंशन न मिलने से इन लोगों के सामने आर्थिक दिक्कतें खड़ी होती जा रही हैं।
जसवंतनगर के दशहरी गांव निवासी विकलांग रामलखन को वर्ष 2007 से पेंशन मिल रही है। इस वित्तीय वर्ष में पहली किस्त तो मिल गई, लेकिन दूसरी किस्त सीबीएस बैंक में खाता न होने से लटक गई। सेंट्रल बैंक नई मंडी ब्रांच में खाता खुलवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। यह तो उदाहरण मात्र है, इसी तरह जिले के 1227 विकलांग पेंशनधारक खाता खुलवाने को लेकर परेशान हैं।
इस चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार ने सभी प्रकार की पेंशन सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचाने की शुरुआत की है। इसके लिए पेंशन धारकों के खाता सीबीएस बैंक में होना अनिवार्य किया गया है। बेशक इस नई व्यवस्था से पेंशन धारकों को सहूलियत मिलने की संभावना है। लेकिन शुरुआती समय में बैंक का रवैया निराशाजनक बना हुआ है। शासन के दिशा निर्देशों के बाद भी बैंक सहजता से खाता खोलने को तैयार नहीं हो रहे। विकलांग पेंशन धारक इसके गवाह हैं। विकलांग कल्याण विभाग से कुल 9733 लोगों को पेंशन मिलती हैं। इस वित्तीय वर्ष में पहली किस्त के रूप में अभी सिर्फ 7256 लोगों को ही पेंशन उपलब्ध हो सकी है। करीब 1477 विकलांग पेंशन मिलने की बाट जोह रहे हैं। पहली किस्त से वंचित इन विकलांगों में 1227 ऐसे पेंशन धारक हैं, जिन्हें पहली किस्त मिलना नामुमकिन लग रहा है।
दरअसल इन 1227 विकलांग पेंशनधारकों के खाते अभी तक सीबीएस बैंक शाखा में खुल नहीं पाए हैं। विकलांगाें की मजबूरी यह कि वह कभी बैंक का चक्कर काटते हैं तो कभी विकलांग कल्याण विभाग से उम्मीद बांधते हैं। बहरहाल अभी तक बैंक स्तर पर इनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। जिन विकलांगों की पेंशन रुकी है, उनमें पोस्ट आफिस के 180 पेंशनधारक, अर्बन कोआपरेटिव के 347 और जिला सहकारी बैंक की विभिन्न शाखाओं के करीब 700 खाताधारक हैं।
वर्जन:
सीबीएस बैंक में खाता खुलवाने के लिए सभी विकलांग पेंशन धारकों को पोस्टकार्ड प्रेषित किए गए हैं। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सीबीएस युक्त बैंक शाखा में खाता होना चाहिए। तभी पेंशन मिलेगी। इस तरह पहली किस्त के रूप में 7256 लोगों को पेंशन मुहैया कराई गई है। करीब दो सौ लोगाें की और डिमांड की जा रही है।
डॉ. दीपक शुक्ला, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, इटावा