इटावा। दशमोत्तर शिक्षण संस्थाओं के अनुसूचित जाति के छात्र अपने बैंक खातों को क्रियाशील रखें ताकि उनके खातों में बगैर किसी व्यवधान के छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि अंतरित हो सके।
जिला समाज कल्याण अधिकारी शिशुपाल सिंह ने बताया कि सभी दशमोत्तर विद्यालयों व महाविद्यालयों के डीन, निदेशक, प्राचार्य, प्रधानाचार्य छात्रों को यह जानकारी दे दें। कहा कि यह छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति 2014-15, 2015-16, 2016-17 की है।
जिसका ऑनलाइन स्टेटस डाटा को अंडर प्रोसेस प्रदर्शित कर रहा है। भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होने के बाद शासन की अनुमति से छात्रों के खाते में धनराशि भेजने की कार्यवाही होगी।