अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। परिषदीय स्कूलों से नदारद रहने वाले शिक्षकों का रवैया नहीं सुधर रहा है। बीएसए ने मंगलवार को महेवा ब्लॉक के स्कूलों में मोबाइल फोन पर हाजिरी ली और नदारद शिक्षकों का एक दिन का वेतन काट दिया। सोमवार को भी छह शिक्षकों के एक दिन का वेतन काट चुके हैं।
बीएसए अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने सीयूजी मोबाइल नंबर से सुबह 8:10 बजे महेवा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बकेवर के सहायक अध्यापक बलराज सिंह को फोन किया। जानकारी करने पर उनको पता चला कि वो अवकाश पर हैं। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी महेवा से पूछने पर पता चला कि शिक्षक अवकाश पर नहीं है। बीएसए ने शिक्षक बलराज का एक दिन का वेतन काट दिया। उसके बाद बीएसए ने महेवा ब्लाक के ग्राम नगला हीरालाल स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुनेंद्र कुमार को फोन किया। उन्होंने बताया कि वह विद्यालय से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। इस वजह से उन्हें अनुपस्थित मानते हुए उनका एक दिन का वेतन काट दिया।
बीएसए के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की मोबाइल से हाजिरी लेने पर एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि शिक्षक किस तरह झूठ बोलकर अपने उच्चाधिकारी को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि प्राथमिक स्कूलों में नौनिहालों पढ़ाने वाले यह शिक्षक बच्चों कोे कैसी शिक्षा दे रहे हैं। मंगलवार को एक सहायक अध्यापक ने बीएसए को अवकाश पर न होने के बावजूद अवकाश पर होने की झूठी जानकारी दी। सोमवार को एक सहायक अध्यापक नेबीएसए के फोन को ही मजाक में लेकर खुद को बीएसए कार्यालय में होना बताया। जांच के बाद सच्चाई सामने आ गई।