इटावा। साइबर फ्रॉड कर एक व्यक्ति के खाते से उड़ाए गए 90 हजार रुपये पुलिस की साइबर शाखा के प्रयासों से पीड़ित के खाते में वापस कराए गए। लगभग 40 दिन पुरानी इस घटना में जालसाज ने बैंक मैनेजर बनकर झांसा देते हुए पीड़ित से उसका एटीएम नंबर व चार अंकों का पिन नंबर पूछ लिया था।
ठग ने इन रुपयों से ऑनलाइन शॉपिंग की थी। साइबर सेल की सक्रियता से शॉपिंग की बुकिंग कैंसल कर दिए जाने से पीड़ित के रुपये बचा लिए गए। गनीमत यह रही कि ठग ने शॉपिंग में वाउचर बुक किए थे, जिनकी बुकिंग कैंसल कर दी गई।
सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरोहितन टोला निवासी विनोद त्रिपाठी ने 28 जुलाई को एसएसपी आकाश तोमर को सूचना दी थी कि उनके साथ बैंक मैनेजर बनकर फोन पर बात करते हुए किसी ने जालसाजी कर खाते से 90 हजार रुपये निकाल लिए हैं।
उन्होंने बताया कि 27 जुलाई की शाम लगभग साढ़े सात बजे उनके पास एक कॉल आया कि ‘मैं आपके बैंक का मैनेजर बोल रहा हूं’। उसने कहा कि सभी खाताधारकों के एटीएम नंबर बदले जा रहे हैं जिसके लिए अपना एटीएम नंबर और ओटीपी मांगा तो झांसे में आकर सब जानकारी दे दी।
कुछ समय बाद विनोद त्रिपाठी के मोबाइल पर पैसे निकलने के लगातार तीन मैसेज आए जिनमें 49990, 40000 व 1500 रुपये सहित कुल 91490 रुपये खाते से निकल गए थे।
साइबर टीम ने फ्लिपकार्ट से संपर्क कर कैंसल कराए वाउचर
एसएसपी ने साइबर टीम को निर्देशित किया तो जांच में पता चला कि इस जालसाजी में फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन वाउचर खरीदे गए थे जिसका पेमेंट साइबर फ्रॉड कर विनोद त्रिपाठी के खाते से किया गया था। साइबर टीम ने फ्लिपकार्ट कंपनी से सामंजस्य बनाकर पीड़ित विनोद के एकाउंट से ऑनलाइन ऑर्डर किए गए वाउचर की बुकिंग को कैंसल कराया।
एकाउंट से काटे गए 90 हजार रुपये वापस किए गए। साइबर ठगी के पैसों को वापस कराने पर पीड़ित ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। साइबर फ्रॉड में गए रुपये वापस दिलाने की कार्यवाही में साइबर सेल प्रभारी राजीव यादव व उनकी टीम शामिल रही।