इटावा। नई शिक्षा नीति में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को सेमेस्टर परीक्षा देने के लिए 90 दिन की पढ़ाई होना जरूरी है। हाल ये है कि सितंबर का महीना प्रवेश प्रक्रिया में ही गुजर रहा है। अब केवल अक्तूबर शेष है। ऐसे में परीक्षा का मानक शायद ही पूरा हो पाए।
छत्रपति शाहूजी महाराज विवि कानपुर की नवंबर मध्य में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं संभावित हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि जिन छात्र-छात्राओं ने सितंबर में ही प्रवेश लिया है, उनका कोर्स कैसे पूरा होगा।
केके महाविद्यालय इटावा में वैसे तो आठ अगस्त से शिक्षण शुरू हो गया था। जिन छात्र-छात्राओं ने पहले चरण में ही प्रवेश ले लिया, उनको तो फिर भी पढ़ाई के लिए समय मिल गया है लेकिन सबसे ज्यादा मुसीबत सितंबर में प्रवेश लेने वालों के लिए है। बीएसएसी और बीए अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम ही सितंबर में आया है। उनके प्रवेश 20 से 25 सितंबर तक हुए हैं। 30 सितंबर तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हुई। ऐसे में पढ़ाई का बहुत कम समय बचेगा। नवंबर में प्रस्तावित सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्र-छात्राएं चिंतित हैं।
प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि सेमेस्टर परीक्षाओं का विवि स्तर से अभी अधिकृत कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। उम्मीद है कि नवंबर मध्य तक हों। महाविद्यालय में कक्षाएं निरंतर चल रहीं हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि सेमेस्टर परीक्षाओं से पहले किसी तरह पाठ्यक्रम पूरा कराया जाए।
पढ़ाई का पूरा मौका मिले
एमए प्रथम वर्ष की छात्रा शिवानी ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया अभी तक चल रही है। इसी महीने प्रवेश लिया है। उनका कोर्स पूरा नहीं है। नई शिक्षा नीति में नए तरीके से पहली बार परीक्षा होने जा रही है। ऐसे में पढ़ाई का पूरा मौका दिया जाना चाहिए।
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा तान्या सोनी ने कहा कि पाठ्यक्रम अभी पूरा नहीं हुआ है। इसलिए सेमेस्टर परीक्षाओं में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। विश्वविद्यालय को परीक्षा की तिथि को आगे ले जाना चाहिए। ताकि उन लोगों को पढ़ाई के लिए समय मिले।
बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र बिलाल खान ने कहा कि छात्र हित में विश्वविद्यालय प्रशासन को सेमेस्टर परीक्षाओं को पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद ही कराने पर विचार करना चाहिए। आधी-अधूरी पढ़ाई करने के बाद यदि परीक्षाएं देंगे तो उनका रिजल्ट का क्या होगा।
बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र यशवीर यादव ने कहा कि नवंबर में सेमेस्टर परीक्षाओं को कराने से पहले विवि प्रशासन को पाठ्यक्रम पूरा कराना चाहिए। उनके कई साथियों ने इसी माह प्रवेश लिया है, उनके सामने कोर्स पूरा करना बड़ी चुनौती है।