थाना क्षेत्र के गांव सिरसा में सोमवार की दोपहर को अचानक आग लगने से आठ घर जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आने से घर में सो रहे तीन माह के मासूम की भी जिंदा जलने से मौत हो गई। आग से लाखों का नुकसान हुआ है। करीब दो घंटे की मशक्त के बाद लोगाें ने आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को फोन से सूचना देने का प्रयास किया पर फोन नहीं लगा। सूचना मिलने पर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आंकलन किया।
क्षेत्र के गांव सिरसा निवासी माखन सिंह के घर के पास किसी का घूरा पड़ता है उस पर किसी ने गर्म राख डाल दी। दोपहर को तेज हवा चलने के कारण गर्म राख से घूरे पर पड़ा कूड़ा सुलग गया। लेकिन किसी की उस पर नजर नही पड़ी। उससे उठी चिंगारी पड़ोस में रहने वाले माखन के घर पर जा गिरी जिससे उसमें आग लग गई। पत्नी तीन माह के बेटे उमा को छोड़कर पड़ोस में लगे हैंडपंप पर पानी भरने के लिए गई थी। आग लगने की जानकारी होने पर उसकी पत्नी दौड़कर मौके पर पहुंची और शोर मचाया। दौड़कर मौके पर पहुंचे और बच्चे को निकालने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नही हो सके। देखते ही देखते आग ने पड़ोस में रहने वाले प्रभू दयाल पुत्र गुलाब सिंह , विनोद पुत्र बाबू राम , बलबीर पुत्र कृपाल सिंह , बादशाह पुत्र आदिराम ,सुनील पुत्र सोनेलाल व राकेश पुत्र प्रभूदयाल के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। गांव के लोगों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए और फायर ब्रिगेड को सूचना देने के लिए फोन किया पर फोन नहीं लगा। जिससे वह मौके पर नही पहुंच सकी। आग लगने की सूचना पर सीओ सैंफई श्याम सुदर ग्रोवर एसडीएम सदर के अलावा एसओ चौबिया विनोद यादव एसओ बसरेहर भोलू सिंह भाटी मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में लोगों की मदद की। आग लगने से आठ घरों में रखा गृहस्थी का सामन जलकर राख हो गया। बलबीर ने बताया कि उसके घर में बीस हजार रुपये भी रखे थे वह भी जल गए। मौके पर पहुंचे अधिकारी नुकसान का आंकलन कर रहे है। ग्राम प्रधान आदेश चौधरी ने प्रशासन से लोगों को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।