प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को किसान सम्मान योजना के तहत दो हजार रुपये की पहली किस्त गोरखपुर से किसान के बैंक खाते में भेजकर प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इसके बाद इस योजना में शामिल जिले के 73006 किसान के खातों में भी रकम पहुंची है। अधिकारियों की मानें तो दो लाख 43 हजार 417 किसानों के डाटा पोर्टल पर लॉक हो चुके हैं। इनमें पात्र व अपात्र दोनों प्रकार के किसान शामिल हैं, जबकि 77 हजार 547 किसान पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना अभी शेष है। पात्र लोगों की संख्या पूरा डाटा लॉक होने पर ही सामने आएगी। इधर, जिन किसानों के खाते में रकम पहुंचने के मैसेज आए वे खुश नजर आए।
किसान सम्मान योजना में 5 एकड़ या उससे कम कृषि भूमि के लघु व सीमांत किसानों लाभ दिया जा रहा है। उन्हें साल भर में तीन किस्तों के जरिये छह हजार रुपये मिलेंगे, जो उनके बैंक खातों में पहुंचेंगे। इन गरीब किसानों को लाभ देने के लिए गत 20 तारीख तक जिले में रात दिन डाटा फीडिंग होती रही। आईटीआई, एनआईसी, ई डिस्ट्रिक्ट, वार रूम, तहसील के अलावा डीपीएस व एसएमजीआई स्कूलों में डाटा फीड किए गए।
इस योजना के तहत जिले में रजिस्टर्ड किसानों की संख्या तीन लाख 20 हजार 964 किसान मिली है। इनमें भूमिहीन समेत ऐसे किसान भी शामिल हैं, जो कृषि विभाग के पोर्टल पर एक से अधिक बार पंजीकृत हैं। इनमें से दो लाख 43 हजार 417 किसानों के डाटा को सत्यापित करके पोर्टल पर लॉक किया गया है। इसमें पात्र और अपात्र दोनों किसान शामिल हैं। इनमें से रविवार को 73006 पात्र किसानों को लाभ मिला है। जिनके बैंक खातों में दो-दो हजार रुपये भेजे गए हैं। 77547 किसानों का डाटा पोर्टल पर लॉक होना बाकी है। रविवार को गोरखपुर के फर्टिलाइजर परिसर में पीएम किसान सम्मान योजना का मुख्य आयोजन हुआ। इसके लाइव प्रसारण की व्यवस्था हुई। विकास भवन के हॉल में प्रसारण के दौरान जब पीएम ने बटन दबाकर किसानों के खातों में रकम पहुंचाईं तो मौजूद किसानों के चेहरे खिल उठे। जेब में रखे मोबाइल हाथ में आ गए। किसान मैसेज आने का इंतजार करने लगे। करीब 15 मिनट के अंतराल में मैसेज आने लगे। हॉल में मौजूद पीतांबरपुर के किसान भोजराज के पुत्र ने मोबाइल में आए मैसेज को डीएम व अन्य अधिकारियों को दिखाया।
इस दौरान जिनके मोबाइल पर मैसेज आ गए वे खुश दिखे। जो महरूम रहे, वे कुछ मायूस दिखे। चांदनपुर के रामदास व जसवंतकुमार और इटगांव के निरंजन सिंह आदि किसान हॉल के बाहर मोबाइल का मैसेज बाक्स चेक करते रहे। बताया कि उनके मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आया है। हालांकि पीएम मोदी के यह कहने पर कि कुछ सप्ताहों में उनकी किस्त भी बैंक खातों में पहुंच जाएगी, तब किसानों को राहत मिली।
अधिकतर डाटा हुआ लॉक
उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि जिले में जो 320964 किसान पंजीकृत पाए गए। उनमें एक लाख 909 किसान राजस्व विभाग के भूलेख से जोड़े गए हैं। इनका डाटा एकदम फ्रेश है। शेष 220055 किसानों की सूची सत्यापन के लिए उपलब्ध कराई गई थी। उनमें भूमिहीन, अपात्र के अलावा एक से अधिक बार पंजीकृत हैं। कई किसानों के आधारकार्ड व खतौनी नंबर नहीं रहे हैं। इसलिए 77547 किसानों का डाटा लॉक होना शेष है। जब पूरा डाटा लॉक होगा। तब पात्र किसानों की संख्या सामने आएगी। फिलहाल 73006 किसानों के बैंक खातों में किस्त पहुंची है।
पोर्टल पर लॉक हुए किसान
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पोर्टल पर कुल लॉक हुए दो लाख 43 हजार 417 किसानों में बढ़पुरा के 32095, बसरेहर के 32802, भरथना के 32073, 27197, जसवंतनगर के 29712, महेवा के 34959, सैफई के 26210, ताखा के 27912 और शहर इटावा के 457 किसान शामिल हैं।