इटावा। शासन ने हर घर नल योजना के तहत 62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसे अमृत परियोजना 2 नाम दिया है। नगर की दो नगर पालिकाओं और तीन नगर पंचायतों की करीब दो लाख की आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
पिछले 10 सालों में नगरीय क्षेत्रों में बसी नई आबादी को इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। योजना की खासियत ये है कि 30 सालों तक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसकी डीपीआर तैयार की गई है। इस योजना का लक्ष्य हर घर में नल से पानी पहुंचाना है। अमृत परियोजना 2.0 में नगर पंचायत लखना और इकदिल के लिए 14-14 करोड़, नगर पंचायत बकेवर के लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
नगर पालिका परिषद जसवंतनगर के ओवरब्रिज वाले क्षेत्र को चार करोड़ और नगर पालिका परिषद भरथना में रेलवे लाइन के किनारे वाले क्षेत्र के लिए 11 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। भरथना और जसवंतनगर के बाकी हिस्से के लिए भी डीपीआर भेजी गई है। वो भी जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ
इस परियोजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्र को भी मिलेगा। इकदिल नगर पंचायत में शामिल छह गांवों के लोगों को घर में नल से पानी मिलेगा। नगर और गांवों के करीब पांच हजार घरों में रहने वाले 20 हजार लोगों को इसका फायदा मिलेगा। कस्बे में पानी की आपूर्ति के लिए अभी केवल दो टंकियां हैं। 10 सालों में कस्बे की आबादी और क्षेत्रफल में काफी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में इकदिल पंचायत का सीमा विस्तार भी किया गया है। आसपास के इंधौआ, महाराजपुर, फूफई, सराय इकदिल, कथगवां ग्राम पंचायतों के आंशिक भाग को इसमें शामिल किया गया है।
अमृत परियोजना 2.0 में तीन नगर पंचायतों और दो नगर पालिकाओं के लिए 62 करोड़ का बजट स्वीकृत हो गया है। दो साल में काम पूरा होने के बाद करीब दो लाख लोगों को पानी के संकट से छुटकारा मिल जाएगा। - आरके यादवस अधिशासी अधिकारी, जलनिगम।
परियोजना बहुत महत्वपूर्ण
नगर पंचायत इकदिल के चेयरमैन डॉ. सौरभ दीक्षित ने कहा कि ये परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे कस्बे के हर घर को शुद्ध पेयजल मुहैया हो सकेगा। यहां की करीब 20 हजार आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
जसवंतनगर नगर पालिका के नामित सभासद कुशल पाल शर्मा ने कहा कि ये योजना 30 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। नगरीय क्षेत्र में कई मोहल्लों में लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।