फोटो 24:: एसएसपी कार्यालय में महिला सिपाही से शिकायतों की जानकारी लेते डीआईजी यमुना प्रसाद। संव
इटावा। महिला प्रकोष्ठ में 56 प्रकरण लंबित मिलने पर डीआईजी यमुना प्रसाद ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने महिला अपराधों से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही 15 वर्ष से कम उम्र की लापता बच्चियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित करने को कहा। शुक्रवार को पुलिस कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने धर्मांतरण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कचहरी स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचे डीआईजी को सलामी दी गई। इसके बाद उन्होंने एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव और अन्य अधिकारियों के साथ एसएसपी कार्यालय का निरीक्षण किया। महिला प्रकोष्ठ में लंबित 56 मामलों के निस्तारण में देरी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने महिला अपराधों की समीक्षा करते हुए पीड़िताओं को मिलने वाली सहायता राशि और सरकारी योजनाओं के लाभ की जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि एक वर्ष में रानी लक्ष्मीबाई योजना समेत अन्य मदों के तहत 25 लाभार्थियों को सहायता राशि दी गई है। लापता बच्चियों की तलाश की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसपी सिटी बबीता सिंह को विशेष टीम गठित कर 15 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों की तलाश करने को कहा।
धर्मांतरण से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली गई। कोतवाली में दर्ज एक मामले के संबंध में एसएसपी ने बताया कि आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। इसके बाद डीआईजी पुलिस लाइन पहुंचे और जिले की कानून-व्यवस्था व पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान एसपी ग्रामीण श्रीचंद्र, एसपी क्राइम संतोष सिंह, सीओ सिटी अविनाश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।