इटावा। सुपर-50 विलेज योजना के तहत प्रशासन जिले के 50 गांवों की दशा सुधारेगा। इन गांवों में मनरेगा, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की निधि से विकास कार्य कराए जाएंगे। मॉडल पार्क, जिम और खेल मैदान की सुविधाएं मिलेंगी। सड़कें और नाली बनाई जाएंगी। स्कूलों का भी कायाकल्प होगा।
इस योजना में शासन से कोई अतिरिक्त बजट नहीं मांगा गया है। गांवों में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का सुंदरीकरण होगा। इनके आसपास टहलने के लिए रास्ता बनेगा। पौधरोपण किया जाएगा। गांवों को जलभराव और गंदगी से मुक्ति दिलाने पर फोकस किया जाएगा। बुजुर्ग और महिलाएं मॉडल पार्क में मार्निंग वॉक पर जा सकेंगे।
जिम में युवा पसीना बहाकर सेहतमंद बनेंगे। हर गांव को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। जिन ग्राम पंचायतों में जगह उपलब्ध होगी, वहां मिनी स्टेडियम भी बनेंगे। परिषदीय विद्यालयों का भी कायाकल्प होगा। यहां शौचालय, किचनशेड, टाइल्स, विद्युतीकरण, शुद्ध पेयजल सहित 19 काम कराए जाएंगे।
सुपर-50 में शामिल गांवों के विकास के लिए आकांक्षा और उदय मॉडल लागू किया जाएगा। जिन गांवों मेें सॉलिड या लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था है, उन्हें आकांक्षा की श्रेणी में माना जाएगा। इन्हें उदय श्रेणी में लाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके जरिये ही गांवों को ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
ये गांव शामिल
विजयपुरा, जैतपुर जमनापार, सितौरा, पछायगांव, भटपुरा, वीधूपुरा, सरायभगत, अयारा लुहिया, सरसईहेलू, राहिन, खेड़ा हेलू, सुल्तानपुर राहिन, शेखूपुर सरैया, किल्ली सुल्तानपुर में विकास होगा। कटहरा, कुंअरपुर भटपुर, बेटियापुर, विरारी, विवौली, कंधेसी पचार, गढैया, हनुमंतपुर, कुंदौल, बिहार, नीमरी, पिपरौली गढ़िया भी सुपर 50 में शामिल हैं। जसोहन, कैस्त, नसीरपुर, मुहब्बतपुर जसोहन, मलाजनी, नगला तौर, नगला भगत, अहेरीपुर, जयमलपुर, इकनौर, बहादुरपुरघार, बहेडा, इंगुर्री, लटूपुर, गींजा, बरौली कला, वोराइन, फूलापुर, नरहौली, भिडरुआ, ककराही, समथर, सरसईनावर, ताखा और नगला गुजराती भी मॉडल बनेंगे।
सांसद आदर्श ग्राम योजना से सबक भी जरूरी
यूं तो विकास योजनाओं को शुरू करने में काफी रुचि ली जाती है। इसके बाद अधिकारी नजरअंदाज करने लगते हैं। सांसद आदर्श ग्राम योजना बड़े जोर-शोर से शुरू की गई थी लेकिन योजना में कोई गांव आदर्श नहीं बन सका। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद शुरू की गई इस योजना में तत्कालीन सांसद अशोक दोहरे ने महेवा गांव को गोद लिया था। आदर्श ग्राम योजना में शामिल होने के आठ साल बीतने के बाद भी यहां कोई काम नहीं हुआ।
जिलाधिकारी अवनीश राय और मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार राय के दिशा-निर्देश पर गांवों के विकास के लिए ये विशेष योजना शुरू की गई है। इसके लिए मनरेगा, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत से धन की व्यवस्था कराई जाएगी। अक्तूबर से काम शुरू कराया जाएगा। 31 मार्च तक गांवों को विकास योजनाओं से संतृप्त करने का लक्ष्य है। - शौकत अली, उपायुक्त मनरेगा।