लाइसेंस पाने के लिए एआरटीओ कार्यालय में परीक्षा देते आवेदक ।
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परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए परीक्षा प्रणाली शुरू कर दी है। लाइसेंस पाने को रोजाना करीब साठ लोग परीक्षा दे रहे हैं। लेकिन हाल ये है कि इसमें पचास फीसदी ही परीक्षा पास कर पा रहे हैं। इससे पता चलता है कि इन लोगों को यातायात नियमों की जानकारी नहीं है।
पूर्व में आवेदन के साथ ही लाइसेंस दे दिया जाता था। लेकिन शासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लाइसेंस लेने वालों के लिए परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है। परीक्षा में आवेदन करने वालों से यातायात के नियमों के बारे में जानकारी ली जाती है। एआरटीओ कार्यालय में पांच कंप्यूटर लगाए गए हैं। परीक्षा में आवेदनकर्ता से कुल 16 सवाल पूछे जाते हैं। इसमें हर सवाल के तीन विकल्प दिए जाते हैं। उनमें से सही उत्तर पर क्लिक करना होता है। इनमें 9 सवाल का सही उत्तर देने पर आवेदक परीक्षा में पास होता है। उसे ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाता है।
फेल लोगों को एक सप्ताह का समय
एआरटीओ वीके सिंह ने बताया कि परीक्षा प्रणाली शुरू कर दी गई है। पांच लोग एक साथ परीक्षा दे सकते हैं। रोजाना 60 लोग परीक्षा दे रहे हैं। जिसमें औसतन तीस लोग ही परीक्षा पास कर पा रहे हैं। फेल होने वाले लोगों को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोगाें को यातायात के नियमों की जानकारी न होने के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसे रोकने के लिए ही परीक्षा शुरू की गई है। परीक्षा में यातायात से संबंधित प्रश्न ही पूछे जाते हैं।