अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के निर्माण को शासन की हरी झंडी मिल ही गई। शासन से बजट न मिलने के कारण यूनिट का निर्माण दो महीने से बंद था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर गुरुवार को लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग ने 18.99 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।
इटावा में बनने वाली इस डायलिसिस यूनिट में कुल 10 बेड होंगे। इटावा में किडनी संबंधी रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इटावा प्रशासन इस प्रस्ताव को वित्तीय स्वीकृति मिल गई । आने वाले समय में इटावा में किडनी रोगियों को यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। प्रदेश के कुल 9 जिलों में यह सुविधा प्रदान की गई है। इन जिलों में इटावा भी शामिल हैं।
अस्पताल में किडनी संबंधी इलाज की सुविधा न होने के कारण अभी तक मरीजों को सैफई, कानपुर, आगरा और ग्वालियर जाना पड़ता था। जिला अस्पताल में बनने वाली इस डायलिसिस यूनिट के लिए लगभग 22 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया था। जिसमें से 18.99 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए गए। आने वाले छह महीनों में डायलिसिस की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। इस यूनिट का संचालन हेरिटेज हॉस्पिटल बनारस करेगा।
मशीनरी से लेकर डाक्टरों तक का निर्धारण हेरिटेज हॉस्पिटल ही करेगा। इटावा समेत सभी नौ जिलों में यही व्यवस्था लागू रहेगी। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के अधूरे पड़े निर्माण की खबर अमर उजाला ने 28 फरवरी को छापी थी। उस दौरान विधायक सरिता भदौरिया ने कहा था कि हम शासन से बजट दिलवांएगे। आखिर इस पहल को मूर्त रूप मिल गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके पालीवाल ने बताया कि हमारा काम केवल डायलिसिस यूनिट का निर्माण कराना है। जैसे ही हमारे पास धनराशि आएगी, हम यूनिट का निर्माण प्रारंभ करा देंगे।
-धनराशि न मिलने से बंद पड़ा था निर्माण का काम
-अगले छह महीनों में तैयार हो जाएगी यूनिट
-बनारस का हेरीटेज हॉस्पिटल करेगा संचालन