इटावा। शहर के नालों को साफ कराने की बारी आई तो अवैध कब्जे रोड़ा बन गए। जांच में पता चला कि छोटे-बड़े 77 नालों में से करीब 40 पर अवैध कब्जे हैं। ऐसे में पालिका ने भी इन नालों की सफाई से हाथ खड़े कर दिए हैं। चेयरमैन ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
शहर में जलनिकासी के लिए करीब 30 बड़े नाले हैं। बड़ी संख्या में नाले होने के बावजूद शहर में जलनिकासी की समस्या लंबे समय से नासूर बनी हुई है। इसका संज्ञान लेकर चेयरमैन ज्योति गुप्ता ने इस बार बारिश से करीब चार माह पहले ही नालों की तली तक साफ-सफाई कराने का अभियान शुरू करा गया, लेकिन इस काम में नालों पर कब्जे बड़ी बाधा बन गए हैं। इससे सफाई का काम प्रभावित हो रहा है। कई जगह नगर पालिका अध्यक्ष के आदेश पर सफाई नायकों ने पक्की पटियां आदि तुड़वाकर नालों की सफाई कराई है। हालांकि इस बीच विवाद की स्थिति बनने पर अब चेयरमैन ने जिलाधिकारी से नोडल अधिकारी तैनात करने की मांग की है। कहा है कि नोडल अधिकारी के जरिए नालों पर हुए अवैध कब्जों को हटवाया जाए। यदि नालों से कब्जे नहीं हट सकें तो सफाई कराना मुश्किल हो जाएगा और बारिश के समय जलभराव की समस्या हो सकती है।
इन बड़े नालों पर हैं कब्जे
मेवाती टोले का नाला, नौरंगाबाद के नाला, रामलीला का रोड का शिवम टाॅकीज के पास नाला, पुराना बस स्टैंड का नाला, अरविंद पुल के पास नाले पर, पुल कहारन, न्यू हिंद टॉकीज के पास नाला, पुरविया टोला का नाला, अरविंद पुल से लेकर घटिया अजमत अली तक का नाला, गांधी नगर का नाला समेत शहर के छोटे-बड़े करीब 40 नालों पर कब्जे हैं।
इन मोहल्लों में जलभराव की अधिक समस्या
गांधी नगर, आईटीआई चौराहा, घटिया अजमत अली, रामनगर शहरिया, रामलीला रोड, अड्डा जालिम, हर्ष नगर की पुलिया समेत करीब 12 मोहल्लों में जलभराव की समस्या बारिश के समय होती है।
कब्जे की वजह से एक महीने का काम चार महीने में भी होना मुश्किल: चेयरमैन
चेयरमैन ज्योति गुप्ता ने कहा कि नालों पर कब्जों की वजह से जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियां नहीं जा पाती हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारी लगाकर काम कराया जाता है। जो काम एक महीने के अंदर हो सकता है, उसे सही से कराने में चार महीने भी कम पड़ जाएंगे। प्रशासन से सहयोग मांगा जा रहा है। साथ ही नालों पर कब्जों के संबंध नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। शहर की सूरत संवारने के लिए हर स्तर पर काम होगा। पूरा डाटा तैयार कर लिया गया है। प्रशासन का सहयोग मिलते ही नालों से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कराएंगे और इनकी सफाई कराई जाएगी।
जिला प्रशासन नालों से अवैध कब्जों को हटवाने में पूरा सहयोग करेगा। इसके लिए नोडल बनाकर जल्द अभियान शुरू कराएंगे। किसी भी हाल में जिले की व्यवस्थाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एडीएम