आगरा -लखनऊ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर चौपुला से सैफई तक करीब 30 फीसदी काम बाकी है। इसे पूरा होने पर अभी करीब एक माह का वक्त लग सकता है। ऐसी स्थिति में एक्सप्रेस वे पर वन साइडर वाहनों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। लखनऊ की ओर जाने वाली बायीं साइड का काम कंपलीट हो चुका है। इसी साइड से वाहन आ जा सकेंगे।
शेष दायीं साइड पर अभी काम चल रहा है। इटावा से सैफई करहल के बीच तक बीच बीच में मिट्टी के भराव का काम बाकी है। करीब आधा दर्जन पुलियों पर मार्किंग का काम चल रहा है। कहीं कहीं फिनिशिंग का काम होना शेष है।
इटावा जिले की सीमा में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे 35 किलोमीटर लंबा है। इस क्षेत्र में निर्माण कार्य में दो कंपनियां लगी हुई हैं। इसमें औरैया जिले की सीमा से मूंज तक 17 किलोमीटर में नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी का काम काफी हद तक पूरा है, जबकि दूसरी कंपनी एफकाम से बनाए जा रहे चौपुला से सैफई तक के 18 किमी के मार्ग पर अभी काफी काम अधूरा है। यहां कई पुलों पर काम चालू होने से एक तरफ के मार्ग से ही वाहन आ जा सकेंगे। इस कार्य को पूरा होने में अभी माहभर का समय लग सकता है।
एक्सप्रेस-वे पर सर्विस रोड और किनारों पर पत्थर लगाने का काम चालू है। मुख्य मार्ग पर पेंटिंग साइन बोर्ड आदि का काम भी बाकी है। साथ ही सड़क पर सफाई का काम हो रहा है। पुलों पर लोगों को सावधान करने के लिए चिन्हीकरण लगाया जा रहा है। फर्रुखाबाद- इटावा मार्ग एनएच 92 से आने वाले वाहन चौपुला के पास से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ सकेंगे। इस पर भी अभी काम चालू है। सर्विस रोड पूरी होने के बाद में अधिग्रहण की गई भूमि पर भी घेराबंदी की जाएगी। इस संबंध में एफकांम के साइट इंजीनियर रमेश सिंह का कहना है 23 दिसंबर से वाहन आना प्रारंभ हो जाएंगे। एक साइड को पूरी तरह तैयार किया गया है, जबकि दूसरी तरफ की साइड भी लगभग पूरी है।
ऊसराहार। ताखा क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री से भरतिया के पास एक्सप्रेस-वे पर कट देने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य सुरेश यादव ने कहा एक्सप्रेस-वे के प्रारंभ होने से लोग आसानी से दिल्ली, लखनऊ पहुंच सकेंगे। परिवहन की सुविधा बढ़ेगी।
जिला पंचायत सदस्य राजकुमार चक, प्रधान संघ के जिला उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता, राजेश अग्निहोत्री, दिनेश कश्यप आदि ने भरतिया के पास से वाहनों के लिए कट देने की मांग की है। जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव ने जनपद के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए खुल जाने पर लोग अपने वाहन देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे पर दौड़ा सकेंगे, किसान आसानी से मंडी तक पहुंचा पाएंगे।