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22 दिन बाद बादल गरजे भी, बरसे भी

Sun, 20 Sep 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
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जाते-जाते मानसून कुछ राहत शहरियों को तो कुछ राहत किसानों को दे गया। रविवार को हुई झमाझम बारिश से जहां लोगों ने उमस भरी गर्मी से राहत पाई वहीं इस बारिश को धान की फसल के लिए मुफीद माना जा रहा है। जिले में गत 29 अगस्त के बाद यह बरसात हुई है। इस बीच कई बार आसमान में बादल छाए लेकिन बिन बरसे ही चले गए थे। 
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सितंबर माह में बारिश का औसत आंकड़ा करीब 142 मिलीमीटर का है। अब तक इस महीने में बरसात नहीं हुई थी। लोगों को उम्मीद थी कि रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बारिश जरूर होगी, लेकिन यह दोनों पर्व भी बगैर वर्षा के गुजर गए। बारिश न होने से उमस भरी गर्मी का प्रकोप बना हुआ था।

उमस भरी गर्मी के चलते लोग उल्टी और दस्त के शिकार भी हो रहे थे। रविवार की सुबह भी उमस से हुई। दोपहर दो बजे तक मौसम गर्म रहा। इसके बाद आसमान में बादल छाने लगे और करीब पौने तीन बजे से बादलों का बरसना शुरू हो गया। यह सिलसिला करीब साढ़े तीन बजे तक चला। इस बीच तेज रफ्तार बारिश होने से सड़कों पर पानी भर गया।
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इस बारिश ने गर्मी से जूझते लोगों को राहत प्रदान की। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अभी तक अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस चल रहा था। गत दिवस अधिकतम तापमान 35.2 और न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस था जो रविवार को अधिकतम 34.6 और न्यूनतम 24.0 डिग्री सेल्सियस रह गया।

तकरीबन एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम गणक के अनुसार इटावा नगर के आसपास रविवार को 18.2 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। रविवार को यह बारिश जिले के अन्य क्षेत्रों में भी हुई। चकरनगर क्षेत्र में भी जोरदार बारिश हुई है। इससे धान आदि अन्य फसलों को लाभ हुआ है। 
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