- विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने 39 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट राखी चौहान ने पांच साल पुराने किशोरी का अपहरण कर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 39 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट को जुर्माना न देने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
जसवंतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि पांच जून 2021 को उसकी पुत्री पड़ोसी के घर से पानी का पाइप मांगने के लिए गई थी। वह जब लौट रही थी तब गांव के ही सजनेश उर्फ गोनू उसे घर में खींच ले गया। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद गोनू घर में ताला डालकर घर से भाग गया। किसी प्रकार से इसकी जानकारी किशोरी के परिवार के लोगों को हुई तो उन्होंने गोनू के घर जाकर किशोरी को बाहर निकाला। बाद में वह किशोरी को लेकर थाने पहुंचे।
किशोरी के बयान व मेडिकल रिपोर्ट में आधार पर पुलिस ने गोनू के खिलाफ अपहरण कर बंधक बनाने व व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बुधवार को मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सजनेश उर्फ गोनू को दोषी पाते हुए 20 साल की सजा व 39 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।