इटावा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट कुमार प्रशांत ने किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के 10 साल पुराने मामले में दो युवकों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला व विशेष लोक अभियोजक रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि भरथना के एक गांव की किशोरी 24 जुलाई 2013 की सुबह करीब आठ बजे खेत गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। गांव की एक महिला ने किशारी के पिता को जानकारी दी कि उसकी पुत्री को दो युवक बाइक से लेकर कहीं जा रहे थे।
इस पर परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अवनीश कुमार निवासी सराय चौरी भरथना व औरैया जिले के एरवाकटरा क्षेत्र के गांव नगला समायन निवासी सुमित कुमार के खिलाफ किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने भरथना रेलवे स्टेशन से किशोरी को तलाश लिया। उसका डॉक्टरी परीक्षण कराया। किशोरी ने बताया कि दोनों उसे लेकर बाइक से भरथना गए और इसके बाद ट्रेन से गाजियाबाद ले गए। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश सबूतों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी पाया और उन्हें सजा सुनाई।