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एचटी लाइन के करंट से दो मजदूरों की मौत, हंगामा

Wed, 21 Jun 2017 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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मकान जिसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। - फोटो : अमर उजाला
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फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत चौहान कालोनी में मकान की दूसरी मंजिल पर पुट्टी कर रहे दो मजदूर मकान के ऊपर से गुजर रही हाईटेशन लाइन की चपेट में आ गए। मजदूरों के साथी उन्हें जिला अस्पताल ले गए। परिजन उनकी सांसें चलने की बात कह रहे थे। डॉक्टर ने देखने के बाद उनकी मौत की पुष्टि की। इस पर परिजन व साथी भड़क उठे। उन्होंने इमरजेंसी में तोड़फोड़ शुरू क र दी। स्टाफ के साथ धक्का मुक्की और मारपीट की। स्टाफ वहां से भाग निकला। कुछ युवकों ने अस्पताल से बाहर डीएम चौराहे पर राठ डिपो की रोडवेज बस में तोड़फोड़ कर दी। अस्पताल में तोड़ फोड़ की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाया।
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क्षेत्र के मोहल्ला चौहान कालोनी निवासी योगेंद्र पाल सिंह यादव के मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने मकान की ऊपरी मंजिल पर पुट्टी कराने के लिए कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छिपैटी निवासी कल्याण सिंह (32) पुत्र किशन स्वरूप, अरविंद यादव उर्फ गंगाधर (30) पुत्र साहब सिंह, राजा बाबू (25) पुत्र मुकेश यादव व छोटू  पुत्र गंभीर सिंह को काम पर लगाया था। मंगलवार शाम करीब साढे़ चार बजे जब वह लोग पुट्टी कर रहे थे तभी कल्याण सिंह व अरविंद यादव मकान के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। राजा बाबू ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो उसे भी जोरदार झटका लगा। कल्याण व अरविंद को साथी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक मृतकों के परिजन व मोहल्ले के लोग भी वहां पहुंच गए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से सांसें चलने की बात कही तो डॉक्टर ने उन्हें दोबारा देखा और मौत होने की पुष्टि कर दी। इससे वहां मौजूद लोगों में रोष पैदा हो गया और उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया।
आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। लोगों ने स्टाफ के साथ भी हाथापाई की। लोगों के आक्रोश को देखकर स्टाफ वहां से भाग खड़ा हुआ। एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर के अलावा कोतवाली  सिविल लाइन व फ्रेंड्स कालोनी पुलिस, क्यूआरटी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत किया। पुलिस के आने पर सीएमएस डॉ एके पालीवाल के अलावा अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा और जानकारी की। सीमएस श्री पाली वाल ने बताया कि दोनों की इमरजेंसी में आने से पहले ही मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने इसकी पुष्टि की तो लोगों ने हंगामा करते हुए इमाजेंसी में तोड़फोड़ कर दी। मृतक के परिजन मकान मालिक को गिरफ्तार करने के बाद शव उठाने की मांग कर रहे थे। एएसपी ने उनसे तहरीर देने की बात कह मामला दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर पुलिस अस्पताल में लगी रही।
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