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सोच और टेलेंट को आजादी नहीं तो फिर कैसी आजादी:बब्बर

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अमर उजाला ब्यूरो
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इटावा।
फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन को लेकर हो रहे विवाद के मसले पर अभिनेता आर्या बब्बर का कहना है कि विरोध का तरीका गलत है और जिन्होंने फिल्म नहीं देखी वही विरोध कर रहे हैं। साथ ही कहा कि अगर सोच और टैलेंट को ही आजाद नहीं तो फिर यह कैसी आजादी है। उन्होंने यह बात एक होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। वह यहां भोजपुरी फिल्म के निर्माता धीरेंद्र राव चौबे के यहां आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने आए थे।
बातचीत के दौरान आर्या बब्बर से जब यह पूछा गया कि क्या अपने पिता राज बब्बर की तरह राजनीति में आना पसंद करेंगे। इस पर उनका कहना था कि वह दस से पंद्रह साल में राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। अखिलेश यादव ओर राहुल गांधी के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा कि अखिेलश बड़े भाई के समान हैं और राहुल गांधी तथा सोनिया गांधी ने उनके पिता को बहुत इज्जत दी है। साथ ही कहा कि कांग्रेस से ही देश में बदलाव आएगा।
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उन्होंने फिल्मों के बारे में बताया कि वह हिंदी और पंजाबी फिल्मों में अभिनय ज्यादा करते हैं। बताया कि उनकी अगली फिल्म तेरा इंतजार आ रही है। इस फिल्म में सनी लियोनी और अरबाज खान भी हैं। खास बात यह है कि वह इस फिल्म में मुख्य विलेन का किरदार अदा कर रहे हैं। पंजाबी में अगले वर्ष दो फिल्में जेहन और मातरम आ रहीं हैं। उन्होंने क्षेत्रीय फिल्मों की वकालत करते हुए कहा कि सिनेमा हाल में उन्हें भी दिखाने का पूरा मौका मिलना चाहिए। जैसा कि महाराष्ट्र में मराठी फिल्मों के साथ होता है। इस समारोह में फिल्म अभिनेत्री संभावना सेठ, केके गोस्वामी सहित कई भोजपुरी फिल्मों के कलाकारों ने भाग लिया।

- सोच और टैलेंट को आजादी नहीं तो फिर कैसी आजादी:बब्बर
-फिल्म पद्मावती के विरोध का तरीका है गलत











































































































































फोटो नंबर 14 एवं 15- बात करते अभिनेता आर्या बब्बर एवं समारोह में मेहमानों के साथ बातचीत करती फिल्म अभिनेत्री संभावना सेठ।
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