बांदा/इटावा। अनुसूचित जाति के 19 परिवारों को मैनपुरी के करहल स्थित मीठेपुर गांव में ईंट भट्ठा मालिक द्वारा बंधक बनाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। बसपा ने ऐलान किया कि वह मजदूरों की रिहाई के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। बसपाई बुधवार को इस मामले में डीआईजी से मुलाकात करेंगे।
मालूम हो कि बांदा जमालपुर (देहात कोतवाली) और खप्टिहा कलां (पैलानी थाना) के 19 परिवार पिछले दिनों ईंट पाथने के लिए मैनपुरी जनपद के करहल थाना अंतर्गत मीठेपुर गांव गया था। आरोप है कि ईंट भट्टा मालिक से पैसा लेकर ठेकेदार गायब हो गया। ऐसी स्थिति में ईंट भट्ठा मालिक ने मजदूरों को बंधक बना लिया है।
बंधक बनाए गए लोगों में महिलाओं व बच्चों सहित करीब 70 लोग हैं। मंगलवार को यह खबर ‘अमर उजाला’ में प्रथम पृष्ठ पर छपने के बाद बांदा के बसपा नेता सक्रिय हो गए। बसपा जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष बलदेव वर्मा ने बताया कि उन्होंने करहल थाना प्रभारी से बात की है।
अध्यक्ष ने यह भी बताया कि बांदा पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव जनपद से बाहर हैं। वह बुधवार को आएंगे। उनसे भी बात हुई है। बुधवार को डीआईजी बीआर मीना और एसपी पीयूष श्रीवास्तव से मिलकर दलित मजदूरों की तत्काल रिहाई के लिए कार्रवाई के लिए बात की जाएगी।
उन्होंने ऐलान किया कि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो बसपाई सड़क से लेकर सदन तक मजदूरों की रिहाई के लिए संघर्ष करेंगे।
विधान सभा व विधान परिषद में भी गूंजेगा मुद्दा
बांदा। दलित मजदूरों को बंधक बनाए जाने के मामले को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दलित मजदूरों की तत्काल रिहाई नहीं कराई गई तो बसपा बड़ा आंदोलन करेगी।
विधान परिषद सत्र में भी इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाया जाएगा। वह कल ही मैनपुरी के डीएम व एसपी से बात करेंगे। उधर, उत्तर प्रदेश विधान सभा में बसपा विधान मंडल दल के उप नेता और विधायक गयाचरण दिनकर (नरैनी-बांदा) ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि वह बांदा और मैनपुरी दोनों ही जनपदों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर रहे हैं। अफसरों ने दलितों की रिहाई में ढिलाई बरती तो कड़ा विरोध किया जाएगा।
पुलिस ने बंधक परिवारों को दिलाए पांच हजार
करहल। मीठेपुर क्षेत्र में एक ईट भट्ठे पर बंधक बनाए गए 18 परिवारों से मंगलवार को करहल पुलिस ने मुलाकात की। इस दौरान ईंट भट्ठा मालिक से मजदूरों को पांच हजार रुपये भी दिलवाए। पुलिस ने भट्ठे पर श्रमिक रामबहोरी, महेश बाबू, राकेश, मोहन, गेंदालाल से जानकारी जुटाई।
पुलिस का दावा है कि भट्ठे पर रह रहे मजदूरों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। भट्ठा मालिक ने बांदा के रहने वाले ठेकेदार जहांगीर अहमद को सात लाख रुपये दिए थे। जहांगीर अहमद का मोबाइल फोन बंद है। मंगलवार को जहांगीर के भाई जलील अहमद से बात हुई है।
उसने दो दिन में जहांगीर को भट्ठे पर लाने की बात कही है। वहीं श्रमिकों को पुलिस ने पांच हजार रुपये मंगलवार को भट्ठा मालिक से दिलवाए हैं। ठेकेदार के आने पर सभी श्रमिकों को घर भेज दिया जाएगा।