इटावा। प्रधानमंत्री आवाज योजना के तहत मकान स्वीकृत तो हुआ लेकिन मिलने वाली पहली व दूसरी किस्त किसी अन्य के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। धांधली का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की गई है। मामले में पंचायत कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा किया गया है। फिलहाल दूसरी किस्त के हस्तांतरण पर रोक लगा दी गई है।
ताखा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रुद्रपुर चमरपुर में नन्ही पत्नी सत्यराम के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास स्वीकृत हुआ। जांच प्रक्रिया के बाद विभाग ने उसके नाम से आवास जारी कर दिया। आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों और ग्राम पंचायत अधिकारी ने मिलकर प्रथम किस्त के 40 हजार रुपये दूसरे खाते में डालकर हड़प लिया।
यह धनराशि 27 दिसंबर 2018 को विभाग ने भेजी थी। इसके बाद विभाग ने दूसरी किस्त के रूप में 70 हजार रुपये एक अन्य खाता में दो फरवरी को भेज दी। आवास स्वीकृत होने के बाद भी धनराशि न मिलने पर परेशान नन्ही देवी और उनके पति सत्यराम ने मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश से की। लेकिन शिकायत का निस्तारण न होने पर उन्होंने जिलाधिकारी से जांच का अनुरोध किया।
फिलहाल दूसरी किस्त के हस्तांतरण पर रोक लगा दी गई है। पीड़ित नन्ही देवी ने बताया कि वह और उनका परिवार आज भी झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं उनके आवास का रुपया हड़प लिया गया। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने कहा कि वह जांच करायेंगे और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
आवास के स्वीकृत होने के बाद प्रथम किस्त की धनराशि मिलने के बाद यह जांच की जाती है कि लाभार्थी ने इस धनराशि से आवास का कितना निर्माण कार्य पूरा किया है। इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं अन्य अधिकारी कर्मचारियों पर होती है। परंतु इस मामले में यह जांच भी कागजों पर ही पूरी कर ली गई और दूसरी किस्त की धनराशि भी किसी अन्य बैंक खाता संख्या में जारी कर दी गई।