इटावा। संत विवेकानंद स्कूल में चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या पर पांच दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद और सार्थक समाज सेवा समिति की ओर से हुआ। सोमवार को कार्यशाला का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने किया। उन्होंने अंधविश्वास को मिटाकर जागरुकता बढ़ाने की अपील की।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि आज हमारे देश के लोगों में अंधविश्वास के प्रति ज्यादा रुचि देखने को मिल रही है, जबकि वैज्ञानिक परिवेश में इन बातों का कोई मतलब नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा महिलाएं तांत्रिक व बाबाओं के चक्कर में फंसकर सब कुछ गंवा देती हैं। इन्हीं गतिविधियों से बचने के लिए इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन जरूरी है।
संत विवेकानंद स्कूल के निदेशक-प्रधानाचार्य डॉ. आनंद ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में हमारा जनपद बहुत आगे निकल चुका है। कार्यक्रम संयोजक जिया अहमद खान ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला गांव व शहरों में अंधविश्वास को दूर करने का काम करेगी। वहीं ग्वालियर से आए ट्रेनर जितेंद्र भटनागर व हरियाणा से इंडियन रिसोर्स एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन के सचिव राजपाल पांचाल ने शिक्षकों को प्रशिक्षित किया।
उन्होंने कहा कि बाबा, ढोगी लोग मंत्र-शक्ति, जादू टोना दिखाकर लोगों को भ्रमित करते हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी जीभ से त्रिशूल को आर-पार करके दिखाया व उसके पीछे वैज्ञानिक कारण को समझाया। उन्होंने बताया कि चमत्कारों के पीछे मुख्य रूप से चार कारण कार्य करते हैं जिनमें हाथ की सफाई, खास तरह के बर्तन, रसायनिक क्रिया व हमारे शरीर की बनावट मुख्य हैं।