इटावा। जेठ की दोपहरी तो तप ही रही है, रातों में भी भीषण गर्मी हो रही है। इस गर्मी में बिजली कटौती में लोग बेहाल हैं। शुक्रवार को दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जबकि गुरुवार रात को 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और लू चलने से जहां राहगीर बेहाल हो रहे हैं। वहीं घरों, दुकानों पर बैठे लोगों को भी चैन नहीं मिल रहा है।
शुक्रवार को सुबह नौ बजे से ही सूरज के तेवर काफी तीखे हो गए। तापमान 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, गर्मी में बढ़ती गई। दोपहर में तो लोगों का घर से निकलना मुश्किल था। किंतु जिन्हें जरूरी काम था वह सिर पर अंगौछा बांधकर और धूप का चश्मा लगाकर निकले। इसके बावजूद कहीं न कहीं उन्हें पेड़ की छांव का सहारा लेना पड़ा। शाम छह बजे तक आसमान से मानों आग जैसी बरसी। हाल ये था कि रात आठ बजे तक घरों की दीवार और छतें अंगारे उलग रहीं थीं।
गर्मी के बढ़ते तापमान की वजह से लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंचने का सिलसिला बरकरार हैं। शुक्रवार को अलविदा जुमा होने की वजह से अवकाश होने के बावजूद सुबह 8 से 11 बजे तक खुली तीन घंटे की ओपीडी में कुल 700 मरीज आए। अस्पताल में भर्ती मरीज भी गर्मी से परेशान रहे। हालत यह है कि अवकाश के अगले दिन जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या और ज्यादा देखने को मिलती है। शनिवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर देखने को मिल सकती है।
ओपीडी के प्रभारी विकास पांडे ने बताया कि शुक्रवार को चर्म रोग चिकित्सक के बैठने की वजह से सबसे ज्यादा 300 मरीज मरीज स्किन रोगी के रहे। इसके बाद करीब सवा दो सौ बुखार, पेट दर्द संबंधी रहे। दोपहर 12 बजे के बाद अस्पताल में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। त्वचा चिकित्सक डा.महेश चंद्रा के कक्ष में त्वचा रोगियों की लाइन लगी रही। अवकाश की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इक्का दुक्का वाहन ही आते जाते रहे। दोपहर में बाजार में भी सन्नाटा रहा। दुकानदार भी मोबाइल फोन में लगे रहकर शाम होने का इंतजार कर रहे थे।