इटावा। प्रदेश में जहरीली शराब पीकर मरने वालों का सिलसिला जारी है। ऐसी मौतों पर सरकार हरकत में आती है दो लाख का मुआवजा दे दिया जाता है। कुछ अधिकारी निलंबित कर दिए जाते हैं।
यह बात शराबबंदी संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक सुल्तान सिंह ने बयान में कही। कहा कि आठ माह पहले कानपुर की घटना होने पर भी यही हुआ था। जुलाई 2016 में अलीगंज (एटा)में 50 लोगों की मौत हुई थी। उससे पूर्व उन्नाव में एक सैकड़ा लोगों की मौत हुई थी। कहा कि पूर्व में भी हरदोई, सीतापुर, कुशीनगर, आजमगढ़, सहारपुर बड़ी संख्या में मौतें हो चुकी हैं। बावजूद इसके बिहार की तर्ज पर यूपी में शराबबंदी का कानून नहीं बन सका।
कहा कि उनका शराब मुक्त भारत बनाने का अभियान अंतिम सांस तक जारी रहेगा। बयान पर सहमति जताने वालों में जिलाध्यक्ष सौरभ दुबे,प्रताप सिंह कुशवाहा,करतार सिंह,ज्ञान सिंह राजपूत,अभिलाख सिंह आदि शामिल रहे।