अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। विशेष न्यायाधीश विकास सक्सेना ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में चरस रखने के आरोप में पकड़े गए दो आरोपियों को दोषी करार दिया। दोनों को दस दस वर्ष कैद की सजा सुनाई साथ ही एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 23/24 जुलाई 2015 की रात को शास्त्री चौराहे पर चेकिंग के दौरान एक बाइक पर सवार दो लोग पुलिस को देखकर भागे तो शक होने पर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। भागने का कारण पूछा तो पकड़े गए नगला गोपी नेविलगंज रोड थाना भरथना निवासी सतेंद्र सिंह व गजेंद्र सिंह पुत्र प्रहलाद ने बताया कि उनके पास चरस है जिसको वह स्टेशन पर बेचने जा रहे थे। पुलिस ने दोनों के पास से करीब डेढ़ किलो चरस भी बरामद की थी।
सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज होने और विवेचना के उपरांत आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। विशेष न्यायाधीश विकास सक्सेना की अदालत में सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी अपने तर्काें के जरिये वाद को सिद्ध करने में सफल रहे। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और दोनों को दस दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ एक एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
- एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया