बेसिक शिक्षा महकमे के लगभग 1250 शिक्षकों के वेतन पर अगले महीने संकट आ सकता है। यह वह शिक्षक हैं जिनकी नियुक्ति एक अप्रैल 2005 के बाद हुई है। नवीन पेंशन योजना के तहत इन्हें 30 जुलाई तक फार्म भरने हैं। करीब 1250 शिक्षकों ने अभी तक नवीन पेंशन योजना के फार्म नहीं भरे हैं। शासन के आदेश पर ऐसे शिक्षकों के जुलाई माह के वेतन पर ब्रेक लग सकता है।
शासन ने पुरानी पेंशन योजना समाप्त होने के बाद एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए नवीन पेंशन योजना लागू की है। यह योजना कई विभागों में लागू भी है। बेसिक शिक्षा विभाग में अभी तक यह योजना लागू नहीं हो सकी थी। शिक्षक संगठनों के आंदोलनों के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने नवीन पेंशन योजना लागू करने का फैसला लिया। इस योजना में शिक्षकों को परमानेंट रिटायरमेेंट एकाउंट नंबर(पीआरएएन) एलाट होना है। इसके साथ ही एक फार्म भरना है। नंबर एलाट होते ही शिक्षक के वेतन से 10 फीसदी कटौती शुरू हो जाएगी। यह कटौती इसी एकाउंट में जमा होगी। सरकार भी इतनी ही धनराशि हर माह शिक्षक के खाते में जमा करेगी।
शासन से आदेश हैं कि जुलाई महीने में हर हाल में सभी शिक्षकों के वेतन से 10 फीसदी की कटौती हो जानी चाहिए। बिना कटौती के जुलाई माह का वेतन आहरित न किया जाए। जुलाई महीना खत्म हो रहा है। सभी शिक्षकों ने अभी तक यह फार्म नहीं भरा है। बेसिक शिक्षा विभाग में एक अप्रैल 2005 के बाद के करीब 1800 शिक्षक हैं। इन्हें नवीन पेंशन योजना का फार्म भरना था। अभी तक 550 शिक्षकों ने ही आवेदन जमा किए हैं।
1250 शिक्षकों ने पीआरएन के लिए आवेदन नहीं किया है। 1250 शिक्षकों के वेतन से 10 फीसदी की कटौती नहीं होगी तो कोषागार से इन्हें वेतन जारी नहीं होगा। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के 152 शिक्षक कर्मचारियों में से 140 ने ही फार्म भरे हैं। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि शेष शिक्षकों के आवेदन भी निर्धारित समय तक आ जाएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी ने बताया कि जिन शिक्षकों व कर्मचारियों को पीआरएएन(प्रान) एलाट हो चुका है। उनके वेतन से 10 फीसदी कटौती कर वेतन जारी होगा। बिना कटौती के वेतन आहरित करने के संबंध में शासन से निर्देश मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्रयास है कि सभी शिक्षकों को प्रान एलाट करवा दिया जाए।