इटावा। नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में लगभग तीन दशक बाद शिक्षक भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस बार जिले में कुल 125 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आशा जगी है।
भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से लंबे समय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी तेज कर दी है। इस बार परीक्षा में माइनस मार्किंग लागू की गई है। परीक्षा के कार्यक्रम में भी बदलाव हुआ है। ऐसे में अभ्यर्थी नई रणनीति के तैयारी में जुटे हैं। वर्तमान में नगर क्षेत्र के 41 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 4500 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण है। इन विद्यालयों में कुल 78 शिक्षक ही व्यवस्था संभाल रहे हैं। इनमें 48 सहायक अध्यापक, 26 शिक्षामित्र और चार अनुदेशक शामिल हैं। यह संख्या विद्यार्थियों की जरूरत के मुकाबले काफी कम है।
नगर क्षेत्र के कई विद्यालय एक शिक्षक या एक शिक्षामित्र के भरोसे संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों के अनुसार विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से नगर क्षेत्र में 150 से अधिक शिक्षकों की आवश्यकता है। वर्तमान में केवल 50 फीसदी शिक्षक ही तैनात हैं। शिक्षकों की इस गंभीर कमी के कारण लंबे समय से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा था।
जिले को भर्ती प्रक्रिया के तहत 125 शिक्षक मिलने से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। नई भर्ती से विद्यार्थियों को नियमित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। इससे एकल शिक्षक वाले विद्यालयों का दबाव भी कम हो सकता है। यह भर्ती शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
अभ्यर्थी अनुज कुमार का कहना है कि नगर क्षेत्र में लंबे समय बाद शिक्षक भर्ती के पद निकलने से नौकरी की उम्मीद बढ़ी है। वह रोजाना निर्धारित समय पर पढ़ाई करने के साथ मॉक टेस्ट दे रहे है। माइनस मार्किंग को देखते हुए प्रश्न हल करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।
अभ्यर्थी मयंक ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। बदले हुए परीक्षा शेड्यूल के अनुसार तैयारी की रणनीति बनाई है। पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास कर कमजोर विषयों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।