फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी शिक्षकों से होगी 11 करोड़ 76 लाख की वसूली

विज्ञापन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा परिषद में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के अब बुरे दिन आने शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन

एसआईटी जांच के बाद जिले में ऐसे शिक्षकों की नौकरी तो पहले ही जा चुकी है। अब एफआईआर और उसके बाद वेतन के रूप में ली गई धनराशि की वसूली भी होगी।
जिले में अभी तक ऐसे 35 शिक्षक सामने आए हैं जो फर्जी कागजातों के सहारे नौकरी कर रहे थे। इन शिक्षकों से सरकारी खजाने से वेतन के रूप में ली गई करीब करीब 11 करोड़ 76 लाख रुपये की धनराशि वसूली जाएगी।
प्रदेश सरकार वर्ष 2009 के बाद नियुक्त किए शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच कराई। इनमें अधिकांश शिक्षक ऐसे थे जिन्होंने आगरा विवि से वर्ष 2005 में बीएड की डिग्री के आधार पर नौकरी पाई थी।
विज्ञापन

इनमें से कई अभ्यर्थियों की डिग्रियां जांच में फर्जी निकलीं। एसआईटी जांच में शिक्षक पात्रता परीक्षा एवं बीएड डिग्री फर्जी निकलने पर जिले में करीब 35 शिक्षकों पर गाज गिरी। अब शासन के आदेश पर ऐसे शिक्षकों से बकाया वेतन वसूली की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा के वित्त एवं लेखा कार्यालय में एसआईटी जांच के आधार पर फर्जी पाए गए 35 शिक्षकों की सूची के आधार पर उनका वेतन का हिसाब किताब जोड़ा जा रहा है।
इनमें वर्ष 2009 में दो, वर्ष 2010 मे 16, वर्ष 2011 में छह, वर्ष 2014 में दो एवं वर्ष 2016 में नौ शिक्षकों ने ज्वाइनिंग दी थी।
इनका वेतन के रूप में ली गई धनराशि का हिसाब करीब 11 करोड़ 76 लाख के आसपास आ रहा है।
वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी शिक्षकों का हिसाब किताब निकाला जा रहा है। इन शिक्षकों से सरकारी धन की वसूली नियमानुसार की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें