लायन सफारी में शेरों का कुनबा बढ़ाने के प्रयास को सफलता मिली है। होली के बाद इटावा सफारी में गुजरात से छह मादा व दो नर शेर लाए जा रहे हैं। इनकी तैयारी पूरी कर ली गई है।
गुजरात का दौरा करके लौटे सफारी के डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि शेरों को लाने की सहमति को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस काम में करीब 20 दिन लग जाएंगे। सब कुछ ठीक रहा तो होली के बाद शेरों को लाया जाएगा।
गुजरात से 11 शेर लाए जाने की सहमति बनी थी। लेकिन बाद में आठ शेर लाए जाने की बात फाइनल हुई है। सफारी डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि गोरखपुर में निर्माणाधीन चिड़ियाघर के लिए इन शेरों को लाया जा रहा है।
पिछले वर्ष जब गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी लखनऊ आए थे। तब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से उनकी बातचीत के बाद शेरों की डील फाइनल हुई थी। हालांकि अब इसकी संख्या 11 से घटकर 8 रह गई है।
ऐसा समझा जा रहा है कि गोरखपुर चिड़ियाघर में अधिकतम चार शेरों को रखा जा सकता है। इसलिए बाकी बचे हुए चार शेर इटावा सफारी में रुक जाएंगे। इनके रुकने से इटावा सफारी में शेरों और शावकों की संख्या मिलकर 10 से ऊपर पहुंच जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि वह शुक्रवार को ही वापस आए हैं। जूनागढ़ में छह शेर व दो शेरनी को चिह्नित कर लिया गया है। जिन्हें इटावा सफारी लाया जाना है। इसके लिये बाड़ों को बनवाया जायेगा। होली के दो दिन बाद ही सफारी अफसरों को भेजा जाएगा और वह शेरों को लेकर आएंगे।