इटावा। इटावा जिला जेल की ऊंची दीवारें और अभेद्य सुरक्षा का दावा, बीते 17 वर्षों के इतिहास के सामने फीका पड़ रहा है। 2008 से 2024 के बीच, जेल प्रशासन को चकमा देते हुए कुल 10 कैदी सलाखों के पार निकल चुके हैं। इन घटनाओं ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और कई बार पुलिस व जेल प्रशासन को शर्मसार भी होना पड़ा है। हाल ही में कन्नौज जेल में नए साल का जश्न मनाते हुए दो कैदियों के भागने की घटना ने पूरे प्रदेश की जेल सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। इसके बाद, जिला जेलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, कैदियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और परिजनों के मिलने के नियमों को और सख्त कर दिया गया है।
-2023: अपहरण के एक आरोपी, अजय कुमार, ने जेल कर्मियों की आंखों में धूल झोंककर जेल की दीवार फांद ली। इस गंभीर लापरवाही के चलते चार जेल कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया था।
-2019: उम्रकैद की सजा काट रहे दो शातिर कैदियों, रामानंद और चंद्रप्रकाश, ने फिल्मी अंदाज में जेल की सुरक्षा को भेदते हुए फरार होने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने सरिया और चादर की मदद से दीवार फांदी थी। दुर्भाग्यवश, भागने के बाद एक कैदी, रामानंद, की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस घटना में भी चार सिपाहियों को निलंबित किया गया था।
- 2015: कोर्ट में पेशी के दौरान, नारायण यादव और विक्रम यादव नामक दो कैदियों ने सिपाही को चकमा देकर और हथकड़ी से हाथ निकालकर भाग निकले। इस मामले में तीन जेल कर्मियों पर कार्रवाई की गई थी।
- 2013: हत्या और दुष्कर्म के तीन आरोपी, संजू, राकेश और शाकिर अली, एक साथ फरार होने में सफल रहे। इस बड़ी चूक के बाद जेलर और अधीक्षक सहित लगभग पूरा स्टाफ निलंबित किया गया था।
- 2008: दो कैदियों ने शौचालय की दीवार फांदकर जेल से भागने में सफलता प्राप्त की थी। इस घटना में जेल कर्मी सहित दो सिपाहियों पर कार्रवाई की गई थी।
जेल प्रशासन के अनुसार, कैदियों के फरार होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। शातिर अपराधी अक्सर गिनती के समय इधर-उधर होकर या लापरवाही का फायदा उठाकर भागने का मौका ढूंढ लेते हैं। इसके अलावा, जिला जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों का अक्सर खराब होना भी सुरक्षा में एक बड़ी चूक का कारण बनता है। वॉच टावरों पर सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती न होना भी एक महत्वपूर्ण कारण है, जो अपराधियों को भागने का अवसर प्रदान करता है।
जिला कारागार अधीक्षक, कुलदीप भदौरिया, ने बताया कि जेल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू है। सभी बंदियों और कैदियों की नियमित निगरानी की जा रही है और उनकी सुबह-शाम रजिस्टर में एंट्री कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में हुई घटनाओं पर उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार कार्रवाई की गई है।