एटा। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में शुक्रवार को एटा-कासगंज हाईवे पर दिनदहाड़े बाइक सवार जीजा-साले को कार सवारों ने टक्कर मारकर गिरा दिया। उसके बाद लाठी-डंडों के साथ ही कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जीजा जान बचाकर किसी तरह से मौके से भाग गया। जबकि घायल हुए साले की मौत हो गई।
गांव भमोरी थाना दादों जिला अलीगढ़ निवासी ओमवीर सिंह ने बताया कि मेरा साला विवेक कुमार (32) निवासी अंबारी थाना बृहस्पतिवार को मेरे घर आया था। एटा जिला न्यायालय में उसके एक मुकदमे की तारीख थी। इसी के चलते वह शुक्रवार को मुझे भमोरी से बाइक पर लेकर न्यायालय आ रहा था। मिरहची से एक कार लगातार हमारा पीछा कर रही थी। कासगंज रोड पर सुबह करीब 9.30 बजे के करीब एक कार शोरूम के सामने कार ने हमारी बाइक में पीछे से टक्कर मार दी, जिसके चलते हम लोग सड़क से नीचे गिर पड़े।
जब तक कुछ समझ पाते कार में से पांच-छह लोग लाठी-डंडा और हाथ में कुल्हाड़ी लेकर उतरे। इन लोगों ने मेरे साले विवेक पर हमला कर दिया। यह देखकर मैं डर गया और बचने के लिए खेतों में खड़ी फसल की ओर भाग गया। मैंने दो लोगों को पहचान लिया है, जो नहर में डूबे अवनीश के भाई सीटा और सत्यप्रकाश हैं। इस मामले में विवेक को जेल भेजा गया था।
बताया कि इन लोगों ने विवेक को बहुत बुरी तरह से पीटा और मरा समझकर छोड़ गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग घटना स्थल की ओर दौड़े, सूचना पुलिस को दी। अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वायड, फील्ड यूनिट और स्वाट टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामला पुरानी रंजिश का है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं।
एक वर्ष पूर्व नहर में डूबे थे दो युवक
लगभग एक साल पहले 22 जून को गांव अंबारी के अवनीश उर्फ बीटा और विवेक का चचेरा भाई मोहित आदि जिरसमी नहर में नहाने गए थे। विवेक तो बच गया, मगर अवनीश और मोहित की डूबने से मौत हो गई थी। जिसके बाद दोनों ही परिवारों ने विवेक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले की तारीख करने शुक्रवार को विवेक अपने बहनोई ओमवीर के साथ आ रहा था।