एटा। जवाहर तापीय विद्युत परियोजना में शुक्रवार को भी मशीनें शुरू नहीं हो पाई। सुबह से शाम तक इंजीनियर काम पर लगे रहे। दो दिन में मशीनों का संचालन शुरू होने की बात कही जा रही है। इसके बाद वहां बिजली का उत्पादन होगा।
जवाहर तापीय परियोजना 1320 मेगावट की बनाई जा रही है। 660 मेगावट की एक यूनिट पर कार्य पूरा हो गया था इस पर यहां बिजली का उत्पादन करने के निर्देश दिए गए। जहां 23 सितंबर को मशीनों को चलाया गया। इस दौरान 24 सितंबर तक मशीनें चलीं। वहीं 111 मेगावट बिजली का उत्पादन किया गया। इसके बाद से मशीनें फिर खराब हो गई। 30 सितंबर को मशीनों को दोबारा चालू किया गया। इसके बाद लगभग आठ घंटे मशीनें चली। जैसे ही मशीनों ने लोड उठाया। लोड उठने के कुछ समय बाद ही फाल्ट हो गया और मशीनों को बंद कर दिया गया। इसके बाद से लगातार मशीनों की टेस्टिंग की जा रही है, लेकिन अभी तक फाल्ट नहीं मिला था। तीन दिन पहले दूसान कंपनी द्वारा तकनीकी टीम को बाहर से बुलाया गया था। टीमें लगातार कार्य कर रहीं है। बृहस्पतिवार को उम्मीद जताई गई थी कि शुक्रवार को संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन शुक्रवार को भी मशीनों का संचालन नहीं हो पाया।
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सुधार गोष्ठी का हुआ आयोजन
शुक्रवार को जवाहरपुर परियोजना पर विद्युत व्यवस्था सुधार गोष्ठी का आयोजन अध्यक्ष इंजीनियर लालारामपुरी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें केंद्रीय महासचिव जीबी पटेल द्वारा सदस्यों को विद्युत व्यवस्था सुधार के विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डालकर अभियंताओं को प्रशिक्षित किया गया। वहीं उत्पादन प्रांतीय अध्यक्ष अनूप वर्मा द्वारा सदस्यों को निगम से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार द्वारा परियोजना की समस्याओं को केंद्रीय महासचिव के समक्ष रखा गया। इस दौरान अभिमन्यु सिंह, प्रचार सचिव रिजवान सिद्दीकी, वरिष्ठ सदस्य रामसकल सिंह, सचिन साहू आदि लोग मौजूद रहे।
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वर्जन
मशीनों की जांच जारी है, उम्मीद है एक-दो दिन में मशीनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया गया।
मनोज श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता जवाहर तापीय परियोजना