अवागढ़ में शराब की दुकान के बाहर हंगामा करती महिलाएं। संवाद
अवागढ़। जलेसर रोड स्थित अंग्रेजी और देसी शराब के ठेकों के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने ठेकों के आबादी क्षेत्र और शिक्षण संस्थानों के समीप होने का आरोप लगाते हुए इन्हें अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि शराब के ठेकों के पास ही जनता कन्या महाविद्यालय स्थित है और दूसरी ओर एक प्राचीन देवी मंदिर है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। महिलाओं का आरोप है कि ठेकों से शराब खरीदने के बाद कई लोग सड़क किनारे ही बैठकर पीने लगते हैं और नशे में गाली-गलौज करते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। महिलाओं के अनुसार, इन ठेकों के पास से ही नगला मेवाती, नगला ब्लॉक और विकासखंड कार्यालय को जाने वाला मुख्य मार्ग गुजरता है। इस रास्ते से छात्राओं, महिलाओं और बच्चों का लगातार आवागमन रहता है, जिन्हें शराबियों के कारण असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, ठीक सामने बनी कॉलोनी में लोग शराब पीकर गंदगी (लघुशंका) करते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।
बृहस्पतिवार को हंगामे की सूचना पर आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, महिलाओं के भारी विरोध और नाराजगी को देखते हुए टीम को बिना किसी ठोस निष्कर्ष के वापस लौटना पड़ा। वहीं दुकान संचालकों का आरोप है कि महिलाओं की यह भीड़ प्रायोजित (साजिश के तहत) तरीके से लाई गई थी। ये दुकानें पिछले करीब 12-13 वर्षों से इसी स्थान पर संचालित हो रही हैं और आबकारी विभाग ने सभी नियमों को ध्यान में रखकर ही इनका आवंटन किया है। जलेसर के आबकारी निरीक्षक कुलदीप चौहान ने बताया कि नियमों के मुताबिक, शराब की दुकानों की दूरी मंदिर और विद्यालय से बिल्कुल ठीक पाई गई है। इसके बावजूद, यदि स्थानीय लोगों को समस्या हो रही है, तो उस पर विचार किया जाएगा।