एटा। कृषि विभाग की ओर से एफपीओ (किसान उत्पादन संगठन) व व्यक्तिगत किसानों को दिए जाने वाले संयंत्रों में लाखों रुपयों का गोलमाल किया गया है। संयंत्र के ऊपर लगाए जाने वाले टैग को हटा दिया गया। इससे उसकी पहचान खत्म हो गई। इसके बावजूद इनका सत्यापन कर अनुदान दिलाने का खेल कर दिया गया।
विकासखंड मारहरा व शीतलपुर के गांव में किसानों व एफपीओ को दिए जाने वाले संयंत्र पर कंपनी का टैग लगाया जाता है। इससे ही संयंत्रों का सत्यापन किया जाता है। ऐसा होने से एक संयंत्र को किसी अन्य किसान के नाम पर सत्यापित नहीं किया जा सकता है, लेकिन शामली से आई टीम को कई कृषि संयंत्रों पर टैग लगे हुए नहीं मिले। जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। टीम ने अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए निर्देश जारी किए।
बता दें कृषि विभाग की ओर से किसानों को अनुदान पर संयंत्र आवंटित किए जाते हैं। जिसके बाद कंपनी की ओर से टैग लगाया जाता है। टैग में एक नंबर होता है जिससे लाभार्थी व संयंत्र का सत्यापन किया जाता है। लेकिन इन टैग को ही हटा दिया गया।