एटा। प्रधान पद पर रहते हुए अपनी विवाहित बहन के नाम जमीन का पट्टा कर दिया। बहन ने इस जमीन का बैनामा प्रधान के पुत्रों और भतीजों के नाम कर दिया। सरकारी जमीन की इस हेराफेरी की रिपोर्ट तत्कालीन प्रधान सहित आठ लोगों के विरुद्ध थाना पिलुआ में दर्ज की गई है।
गांव मुखरना के रमेश चंद्र ने अदालत के आदेश पर यह मामला दर्ज कराया है। बताया कि 1995 से 2010 तक सतेंद्र पाल यादव एवं उनकी पत्नी बृजेश कुमारी प्रधान रहीं। सतेंद्र ने अपनी बड़ी बहन शीला देवी उर्फ सुशीला देवी के नाम 0.809 हेक्टेयर सरकारी बंजर की जमीन का पट्टा किया। जबकि उनका विवाह हाथरस में हुआ था। पहचान छिपाकर पट्टा कर दिया गया। इसके बाद शीला उर्फ सुशीला ने इस जमीन का 2018 में सतेंद्र के पुत्र अश्वनी प्रताप, अभय प्रताप, अजय प्रताप तथा भतीजे सुनील कुमार व सुशील कुमार के नाम बैनामा कर दिया।
एसडीएम स्तर से की गई जांच में पट्टा फर्जी पाया गया और निरस्त कर दिया गया, लेकिन कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर पुलिस अधिकारियों से लेकर न्यायालय तक का दरवाजा रमेश चंद्र ने खटखटाया। यह भी आरोप लगाया है कि सतेंद्र पाल यादव व इनके परिवारीजन ने नेचलपुर अरथरा में भी इसी तरह अपने सगे-संबंधियों के नाम फर्जी तरीके से पट्टे कराए हैं। सीओ सदर अमित कुमार राय का कहना कि अदालत के आदेश पर मामला दर्ज हुआ है। जिसकी जांच शुरू करा दी गई है।