एटा। किसानों पर मौसम का कहर टूटा है। बुधवार रात हुई बरसात से वो अबर नहीं पाए थे, शुक्रवार रात आंधी-बरसात के साथ ही ओलावृष्टि ने उन्हें बेदम कर दिया। खेत में पड़ी कटी हुई फसल भीगकर बर्बाद हो गई है। वहीं आंधी की वजह से भूसा उड़ गया। कृषि विभाग करीब 10 फीसदी क्षति मान रहा है। जबकि किसानों का कहना है कि 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है।
मौसम ने बृहस्पतिवार की रात अचानक करवट ली थी। धूल भरी आंधी और बरसात ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। शुक्रवार को दिन भर किसान अपनी बर्बाद फसल का आकलन लगा ही रहे थे कि रात में फिर से मौसम की मार ने सब कुछ अस्तव्यस्त कर दिया। खेतों में पानी भर गया, कटी पड़ी गेंहू की फसल डूबकर भीग गई। किसान मुन्ना लाल ने बताया कि गेहूं की फसल को बहुत नुकसान हो गया है।
पिलुआ क्षेत्र के गांव जयसिंहपुर निवासी किसान प्रताप सिंह ने बताया खेतों में कटी पड़ी फसल बरसात के पानी में भीग रही थी। उसे ढकने के लिए परिवार सहित वहां पहुंचे। लेकिन बिजली की चमक और गड़गड़ाहट के कारण जल्दी-जल्दी फसल को ढककर चले आए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि कटी पड़ी फसल को नुकसान हुआ है। जो फसल अभी कटी नहीं है, उसे नुकसान नहीं है।