बारिश के मौसम में जगह-जगह जलभराव के हालातों का बस्तियों के लोग सामना कर रहे हैं। नालियां उफन रही हैं। ऐसे में मलेरिया के केस बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र में काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। जलभराव और गंदगी को लेकर पालिका प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा।
गौरतलब हो कि पिछले दिनों बारिश ने कई बस्तियों में जलभराव हुआ। नाले नालियों में रुकावट के कारण बस्तियों में पानी भरा रहा। इसके अलावा निचले इलाकों की कालोनियों में तो जगह जगह खाली भरे प्लाटों जलभराव हो रहा है। नाली नालों की सफाई न होने के कारण भी गंदे पानी का प्रवाह बाधित है और पानी ठहरा हुआ है। ऐसे हालातों में मच्छर पनप रहे हैं, जो मलेरिया रोग का कारण बने हुए हैं। यदि हालातों पर काबू नहीं पाया गया तो और संक्रामकों का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन ही बड़ी संख्या में मलेरिया, वायरल बुखार को मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक भी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर हैरान हैं। सुबह से ही स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की कतार लगने लगती है। लवकुशनगर के इंटरग्लो स्कूल की गली के अंत में पानी भरा हुआ है। इससे बाशिंदे काफी परेशान हैं। बिलराम गेट बिजलीघर के जल प्रभावित क्षेत्र के निवासी असलम ने बताया कि लोगों को जलभराव से दिक्कतें हैं, लोग बीमार हो रहे हैं और कोई सुनने वाला नहीं है।
चिकित्साधीक्षक कृष्ण अवतार सिंह का कहना है कि बदलते मौसम और मच्छरों के प्रकोप के चलते मलेरिया व वायरल बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। स्वास्थ्य केंद्र पर दवाईयां उपलब्ध है। पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।