एटा। केंद्र और प्रदेश सरकार लोगों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। इसके तहत देहात के नगरीय क्षेत्रों में 424 लाख रुपये की लागत से पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। धनराशि से अर्बन क्षेत्र में 75 नए हैंडपंप भी लगाए जाएंगे। साथ ही 150 हैंडपंप और कुछ ट्यूबवेलों को रीबोर भी कराया जाएगा।
जलेसर, अवागढ़, सकीट, मारहरा और निधौलीकलां आदि क्षेत्रों में खाना पानी होने के कारण लोगों के समक्ष मीठे पेयजल का संकट है। अर्बन क्षेत्र के व्यापारी दुकानों पर और घरों में लोग आरओ का पानी खरीदकर पीते हैं। वहीं बाजारों में स्थिति और भी ज्यादा खराब है। जहां हैंडपंप लगे हैं वहां पानी नहीं आ रहा है। इससे गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान दिखे।
पानी के दोहन के चलते गिर रहा जलस्तर
कई स्थानों पर पानी के अत्यधिक दोहन के चलते जलस्तर गिरता चला जा रहा है। अब तक जिन क्षेत्रों में साठ और अस्सी फीट पर पानी मिल जाता था, वहां अब 120 से लेकर 160 फीट तक गहरी बोरिंग करानी पड़ रही है। वहीं जल निगम द्वारा लगाए गए करीब डेढ़ सौ हैंडपंपों में भी पानी छोड़ गए हैं।
इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
जल निगम द्वारा 424 लाख रुपये की लागत से जिन स्थानों पर नए हैंडपंप और रीबोर कराने की योजना है। उनमें नगर पालिका परिषद जलेसर, नगर पालिका परिषद मारहरा, नगर पालिका क्षेत्र अलीगंज और नगर पंचायत क्षेत्र जैंथरा और सकीट शामिल हैं।
जिले में पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के तहत करीब 75 नए हैंडपंप लगाए जाने सहित 150 हैंडपंप और कुछ ट्यूबवेलों को रीबोर कराने के लिए 424 लाख रुपये का प्रस्ताव जिला योजना के माध्यम से शासन को भेजा गया है। धनराशि मंजूर होते ही काम कराया जाएगा।
-ए एस भाटी, अधिशासी अभियंता, जल निगम