एटा। मेडिकल कॉलेज स्थित डायलिसिस यूनिट में जिले सहित आसपास के गुर्दा रोगी भी पहुंचते हैं। तीस मरीजों की प्रतिदिन डायलिसिस की जाती है। सबमर्सिबल पंप खराब होने से मंगलवार को यूनिट में पानी का टोटा पड़ गया। ऐसे में सिर्फ दस मरीजों की ही डायलिसिस हो पाई। अन्य मरीज अपनी बारी का इंतजार ही करते रह गए।डायलिसिस के लिए पहले से नंबर लगाया जाता है। एक मरीज पर 120 से 140 लीटर पानी की जरूरत होती है। इस तरह यूनिट में प्रतिदिन चार से पांच हजार लीटर पानी की जरूरत मरीजों की डायलिसिस करने के लिए पड़ती है। सोमवार से कॉलेज में लगी सबमर्सिबल पंप खराब है। ऐसे में यूनिट को पानी नहीं मिल पा रहा है।
सोमवार को जहां टंकियों में भरे पानी से मरीजों की डायलिसिस कर दी गई, लेकिन मंगलवार की सुबह यूनिट में दो हजार लीटर से भी कम पानी बचा था। ऐसे में 10 मरीजों की डायलिसिस तो कर दी गई, लेकिन बाद में यूनिट पर पहुंचने वाले मरीजों को पानी न होने का हवाला देकर मना कर दिया गया।