ऋषिपाल की गला दबाकर हत्या की गई थी। हत्या से पूर्व उसके गालों पर थप्पड़ भी मारे गए थे। हत्या करने के बाद शव नदी में फेंका गया था। यह खुलासा सोमवार रात को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। पीएम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के शरीर में पानी न जाने केे कारण यह भी सामने आया है कि एक दिन पहले ही शव नदी में फेंका था।
पांच-छह फरवरी की रात फीरोजाबाद थाना जसराना के गांव गढ़ी निवासी संजय, छोटा भाई ऋषिपाल सिंह दिल्ली से बाइक पर घर लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे थाना रिजोर स्थित नहर पुल के पास बोलेरो ने टक्कर मार दी थी। दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए थे। संजय तो मौके से मिल गया, मगर ऋषिपाल नहीं मिला था। तीन दिन बाद ऋषिपाल का शव सोमवार सुबह ईशन नदी से मिल गया। शव मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था। घायल संजय ने सतेंद्र निवासी तावेपुर रिजोर, विनील निवासी पहाड़पुर कुरावली, विधाराम वीरपाल, प्रदीप निवासी बक्खीपुर सकीट, जयपाल निवासी अमृतपुर जसरथपुर के विरुद्ध अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सोमवार रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुलासा हुआ कि मृतक की गले की हड्डी टूटी हुई थी। पोस्टमार्टम से तीन दिन पहले उसकी हत्या की गई थी। अगर दोनों का एक्सीडेंट हुआ होता तो ऋषिपाल के शरीर पर अन्य जगह भी चोटें होतीं, मगर कहीं भी चोट नहीं थी। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
सोची-समझी साजिश तो नहीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। उनका कहना है कि जब सड़क हादसा ही नहीं हुआ, तो फिर संजय के चोटें कैसे आईं। वहीं बाइक भी ज्यादा क्षतिग्रस्त नहीं थी। संजय ने बताया था कि किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मारी थी। अब स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है।